खटीमा के सिसैया में पानी में डूबी गन्ने की फसल को समेटते ग्रामीण। संवाद
- फोटो : KHATIMA
खटीमा। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की सीमा पर बसे शारदा सागर डैम में पानी भरने का सिलसिला अभी जारी है। डैम में पिछले 70 वर्षों से इतना पानी कभी नहीं भरा गया। शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से के अलावा इस बार पानी राजस्व ग्राम बगुलिया में भी भर चुका है।
शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से में स्थित कम ऊंचाई वाले गांव झउपरसा में 6, बंधे में 5, खैरानी में साढ़े चार फीट पानी भर चुका है। ग्रामीणों के जलमग्न कच्चे मकान अब गिरने की स्थिति में है। जबकि यहां लगभग चार सौ एकड़ भूमि में गन्ने की फसल एवं गेहूं की बर्बाद हो चुकी है। ग्रामीणों का आना जाना अब नाव के सहारे चल रहा है। जलमग्न परिवार विषैले जलचर प्राणियों से परेशान है।
बच्चों का आना-जाना बंद
खटीमा। जलमग्न गांवों के लोग डैम के तटबंध अथवा अपने घरों के आसपास बनाए गए ऊंचाई वाले स्थानों पर खाना बनाते हैं। बच्चों का स्कूल आना-जाना भी बंद चल रहा है।
ग्रामीणों को भेजा भूमि खाली करने का नोटिस
खटीमा। कार्यालय जिलेदार द्वितीय उपखंड खटीमा शारदा सागर डैम पीलीभीत द्वारा मार्च 2022 से डैम के ऊपरी हिस्से में बसे ग्रामीणों को नोटिस जारी किए है। इसमें 10 अप्रैल तक शारदा सागर बांध की भूमि खाली करने को कहा गया है। नोटिस में पूर्व में भी नोटिस देने की बात कही गई है। कब्जा न हटाने की स्थिति में एंटी भूमाफिया शासनादेश के तहत बल पूर्वक कब्जा हटाया जाएगा।
जल संस्थान बिछा रहा भूमिगत पाइन लाइन
खटीमा। शारदा सागर डैम के ऊपरी हिस्से में बसे ग्रामीणों को डैम प्रशासन नोटिस जारी, पानी भरकर हटाने को जुटा है। वहीं उत्तराखंड जल संस्थान ग्रामीणों को जलापूर्ति के लिए भूमिगत पाइप लाइन बिछाने मेें जुटा है। पाइप लान बिछाने का काम नौ अप्रैल से चल रहा है।