सितारगंज। दो दिन की बिरश से क्षेत्र के चार गांवों में बैगुल नदी व नहर में उफान आने से कृषि भूमि में कटाव हो रहा है। वहीं खेतों में लगी धान की फसल को भी क्षति हुई। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कटाव रोकने व बाढ़ के पानी से हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की।
बृहस्पतिवार को शुक्लाफार्म, बरुआबाग, कोटाफार्म व सिसौना के ग्रामीणों ने एसडीएम विवेक प्रकाश को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि दो दिन की बारिश से उनके गांवों में बैगुल नदी व नहर उफना गई और नदी व नहर की बाढ़ के पानी से कृषि भूमि में कटाव होना शुरू हो गया। इससे खेतों में लगी धान की फसल को भी नुकसान हुआ है। कहा कि बारिश से पहले नहर की सफाई का कार्य नहीं किया गया। इस वजह से नहर कूड़े-करकट से पटी पड़ी थी। उन्होंने एसडीएम से नहर की सफाई कराने, नदी के पानी से होने वाले कटाव को रोकने व फसल क्षति का मुआवजा दिए जाने की मांग की। वहां राजीव कुमार, जसवंत सिंह, त्रिलोचन सिंह, श्याम लाल, कृष्ण चंद, देशराज, हरविंदर सिंह, राजेश कुमार आदि थे। संवाद
विधायक ने किया बाढ़ग़्रस्त गांवों का दौरा
सितारगंज। विधायक सौरभ बहुगुणा ने बाढ़ग़्रस्त गांवों का दौरा किया। अरविंदनगर सात, आठ व नौ नंबर में जलभराव की स्थिति देखी।
हर साल बैगुल नदी पास के अरविंदनगर सात, आठ व नौ नंबर में तबाही मचाती है। दो दिन की बारिश ने तीनों गांवों को जलमग्न कर दिया। करीब डेढ़ किमी. पैदल पानी से होकर विधायक अरविंदनगर सात नंबर गांव पहुंचे। यहां से नाव के जरिये विधायक ने गांव का मुआयना किया। इसके बाद अपने आवास पर सिंचाई, लोनिवि व वन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। विधायक ने कहा कि गांवों को नदी की बाढ़ से बचाने के लिए नदी को चैनेलाइज किया जाए। उन्होंने डीएम डॉ. नीरज खैरवाल से भी फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया। डीएम ने बाढ़ आपदा मद से रीवर ट्रेनिंग के तहत नदी को चैनेलाइज कराने का आश्वासन दिया। इस पर तीनों विभागों ने संयुक्त रूप से नदी का सर्वे कर रिपोर्ट बनाने पर सहमति जताई। वहां सिंचाई विभाग के ईई एससी रमोला, एसडीओ भुवन चंद नैनवाल, लोनिवि के एई आलोक कुमार ओली, जेई नीरज कुमार व वन अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
स्टोन क्रशर में घुसा नदी का पानी, दीवार गिरी
सितारगंज। बैगुल नदी में जल निकासी अवरुद्ध होने की वजह से बरुआबाग गांव में चल रहे जय श्रीराम स्टोन क्रशर में नदी का पानी घुस गया। इससे क्रशर की मशीनों में पानी भर गया और करीब सौ मीटर चहारदीवारी भी भरभराकर गिर गई। नदी के पानी के तेज बहाव के साथ करीब 25 हजार क्विंटल खनन सामग्री भी बह गई। डेढ़ सौ सीमेंट के कट्टे भी भीग गए। क्रशर स्वामी गौरव अग्रवाल ने बताया कि प्लांट में पानी घुसने से क्रशर मशीनें खराब हो गई हैं। बाढ़ के पानी से क्रशर को करीब 12 लाख रुपये के नुकसान की संभावना जताई है। इसके अलावा बरेली स्टोन क्रशर में करीब चार सौ कट्टे सीमेंट भीगकर खराब हो गया। चहारदीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। भगवती स्टोन क्रशर में भी बाढ़ का पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ है।