तराई क्षेत्र में बीते दो माह में मासूम सहित पांच लोगों की हत्या हुई है। इनमें अपनों के हाथ ही खून से रंगे मिले। शनिवार को नीमा की निर्मम हत्या को उसके पति ने ही अंजाम दिया। चार अन्य मामलों में से से दो में दोस्त ही हत्यारे निकले, एक में भतीजे ने चाची को मौत के घाट उतार दिया और अन्य मामले में पिता ने ही अपने नाबालिग बेटे की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। खून से लिखी जा रहीं इन कहानियों को देखकर लग रहा है कि कहीं न कहीं विश्वास की डोर कमजोर होती जा रही है।
केस-1
एक अप्रैल को स्मैक के नशे को लेकर हुए मामूली विवाद में मोहल्ला नई बस्ती निवासी मोहम्मद समीर ने इसी मोहल्ले के अरमान अली (23) की बेरहमी से चाकू से गोदकर जान ले ली थी। हत्यारोपी एवं मृतक आपस में अच्छे दोस्त थे लेकिन नशे ने दोस्ती का कत्ल कर दिया।
केस 2
तनख्वाह के रुपये चोरी करने पर नाराज पिता देवदत्त गंगवार ने 15 अप्रैल कोे सातवीं में पढ़ने वाले अपने 15 वर्षीय बेटे अंकित गंगवार की निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी।
केस-3
17 अप्रैल को नशे में धुत ग्राम मेघावाला निवासी शैंकी चौहान (22) ने अपनी चाची सुनीता चौहान (40) को पाटल से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। चाची का कसूर इतना था कि उसने भतीजे को मां से झगड़ने पर डांट दिया था।
केस-4
अपये मांगने को लेकर हुई कहासुनी में राजेश उर्फ राजा (32) ने 21 अप्रैल को ग्राम निवारमंडी निवासी बाबूराम सिंह (37) की गला रेत कर हत्या कर दी थी। दोनों अच्छे दोस्त थे और एक साथ हम प्याला हम निवाला हुआ करते थे, लेकिन यहां भी नशे में एक दोस्त दूसरे दोस्त के हाथों मौत की भेंट चढ़ गया।
केस - 5
शनिवार 30 मई की रात मंडुवाखेड़ा गांव में पति राहुल कुमार कश्यप ने पत्नी नीमा देवी की चाकू और कूकर से वार कर हत्या कर दी।