रुद्रपुर। राज्यवित्त आयोग ग्रामीण विकास और परिसंपत्तियों की रखरखाव मद में राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता की हकीकत परखेगा। इसके लिए एक मई को आयोग की तीन सदस्यीय टीम जिले में आ रही है। वह 6वें वित्त आयोग की निधि देने से पूर्व धरातल पर विकास कार्यों की समीक्षा करेगी।
इसमें जिला, क्षेत्र और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से फीडबैक भी लिया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से अभी तक पांचवें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण विकास के लिए राज्यवित्त की धनराशि दी जाती रही है। इस वित्तीय वर्ष में छठे राज्यवित्त आयोग की सिफारिशें लागू होंगी।
राज्यवित्त मद से सरकार ग्रामीण विकास में नाली, खडंजा, सड़क आदि निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध कराती है। पंचायतें भी अपनी परिसंपत्तियों का रखरखाव इसी मद से करती हैं। ।
एक मई को आयोग की तीन सदस्यीय टीम आ रही है। टीम जिलों से मिले फीडबैक के आधार पर ही छठवें राज्यवित्त की किस्त देने की सिफारिश करेगी। डीडीओ सुशील मोहन डोभाल ने बताया कि इसकी तैयारी पूरी हैं। संवाद