सितारगंज। सिडकुल क्षेत्र में भालू के विचरण से दहशत का माहौल बना हुआ है। बीती 20 फरवरी की रात भालू अपने बच्चों के साथ के इंजीनियरिंग परिसर में घुस गया। आए दिन मुख्य मार्गों पर बच्चों के साथ घूमता दिखता है। उद्यमियों ने जान के खतरे की आशंका जताते हुए बुधवार को वन विभाग के अधिकारियों से भालू और उसके शावकों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की मांग की है।
सितारगंज के औद्योगिक पार्क क्षेत्र में लंबे समय से भालू दिख रहे हैं। रात में अकेले आवागमन में जान का खतरा बना रहता फैक्टरियों में रात की शिफ्ट में काम करने के लिए रोजाना सैकड़ों श्रमिक पैदल, साइकिल और बाइकों से शक्तिफार्म, सितारगंज, चोरगलिया व अन्य ग्रामीण अंचलों से सिडकुल पहुंचते हैं। सिडकुल क्षेत्र में कई प्लाटों में झाड़ियां होने से यहां भालू ने अपना आशियाना बना रखा है। भालू के साथ उसके बच्चे भी दिख रहे हैं।
बच्चों के साथ अधिक आक्रामक हो जाता है भालू
सितारगंज सिडकुल इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण सत्यवली ने बताया कि 20 फरवरी को भालू अपने एक बच्चे के साथ औद्योगिक पार्क की इंजीनियरिंग कंपनी में घुस गया था। वहां सौ से अधिक लोग काम कर रहे थे। भालू के परिसर में घुसने से अफरातफरी मच गई थी। कर्मचारियों ने शोरगुल व लाठियां भांजकर किसी तरह भालू व उसके बच्चे को परिसर से बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि अपने बच्चों के साथ भालू अधिक आक्रामक हो जाता है जिससे हमले की आशंका बढ़ जाती है। एसोसिएशन की ओर से वन विभाग के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भालू व उसके बच्चों को पकड़कर जंगल में छोड़ने के लिए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा व वन मंत्री से मुलाकात की जाएगी। किशनपुर रेंज के वन दरोगा संजय कुमार ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार सर्च अभियान चल रही है। लोगों को रात में अकेले नहीं चलने के लिए जागरूक किया जा रहा है। संवाद