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सीएमआर के चावल के कट्टों पर एफसीआई और यूपी खाद्य विभाग की मुहर

Fri, 15 Sep 2017 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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रुद्रपुर के स्टेट पूल गोदाम में मिला एफसीआई की मोहर लगा चावल का कट्टा - फोटो : amar ujala
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स्टेट पूल रुद्रपुर के गोदाम में एसआईटी की जांच में बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। राज्य योजना के बाद अब सीएमआर योजना में भी दोहरी मुहर लगे कट्टे निकल रहे हैं। जांच में 50 से अधिक कट्टों पर यूपी के अलावा एफसीआई की मुहरें लगी मिली हैं। ऐसे कट्टों की संख्या भी बढ़ रही है, जिनमें या तो मुहर नहीं लगी है और या लगी मुहर स्पष्ट नहीं है।
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शुक्रवार को भी एसआईटी ने वीडियोग्राफी के साथ चावल के स्टॉक की जांच की गई। इसमें कस्टम मिलिंग राइस (सीएमआर) और राज्य पोषित योजना के कट्टे अलग-अलग करने के साथ ही दोहरी मुहर और बिना मुहर लगे चावल के कट्टों को अलग किया गया। राज्य योजना में अभी तक दोहरी मुहर लगे 23 कट्टे मिले थे, लेकिन अब सीएमआर योजना में भी दोहरी मुहर लगे 50 से अधिक कट्टे  मिले हैं। इन कट्टों में भी लाल और नीले रंग की मुहर लगी हुई है।  कुछ कट्टों में यूपी खाद्य विभाग की मुहर लगी थी। नियमानुसार सीएमआर के चावल के कट्टों में लाल रंग से मुहर लगाई जानी चहिए। पहले कट्टे में लाल रंग की मुहर लगी थी, लेकिन उसके ऊपर नीले रंग की यूपी खाद्य निगम की मुहर लगाई गई है। कुछ कट्टों में एफसीआई की भी मुहर लगी है। एफसीआई का कट्टा सीएमआर की लॉट में पहुंचना बड़े सवाल खड़ा कर रहा है।

बड़ा सवाल है कि गोदाम में चावल की खेप उतारते वक्त आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इन कट्टों पर क्यों नहीं पड़ी। रुद्रपुर और काशीपुर के अलावा जिले के किच्छा, सितारगंज, खटीमा, गदरपुर में भी दोनों योजनाओं के चावल का बड़ा स्टॉक मौजूद है। यहां से भी चावल का गड़बड़झाला हुआ है, लेकिन अभी तक इन गोदामों को जांच के दायरे में नहीं लिया गया है। एसआईटी में शामिल एडीएम जगदीश कांडपाल ने बताया कि एक कड़ी से दूसरी कड़ी को जोड़कर जांच की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ेगा तो इन गोदामों के स्टॉकों की भी जांच होगी।
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गढ़वाल में खपाया यूपी और एफसीआई का चावल
यूपी खाद्य निगम और एफसीआई का चावल गोदामों में लाकर गढ़वाल को पहुंचा दिया गया। आशंका है कि मिलों की ओर से धान की कुटाई महज कागजों में की गई। यह गड़बड़झाला मिलीभगत से किया गया।
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