पाकिस्तान से 16 साल पहले 45 दिनों के विजिटर वीजा पर भारत आई शाहिदा बानो का परिवार अपने वतन वापस लौटने के बजाए कश्मीर में अवैध रूप से बस गया। शाहिदा बानो ने आठ साल पहले कुपवाड़ा में कार मैकेनिक का काम करने वाले काशीपुर निवासी फारूख हुसैन से निकाह कर दिया। फारूख ने पहले से शादीशुदा होने के बावजूद शाहिदा से निकाय किया, साथ ही हर साल शाहिदा को सर्दियों में काशीपुर लाकर कई जगहों पर घुमाता रहा। उसने शाहिदा के पाकिस्तानी होने की बात पुलिस प्रशासन से छिपाकर रखी। अब पुलिस ने शाहिदा को कुपवाड़ा पुलिस को सौंपा है और फारूख पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
दरअसल पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के बाद केंद्र सरकार ने देश में आए पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द कर उनको वापस लौटा दिया था। इसके बाद देश के विभिन्न राज्याें में अवैध रूप से बसे पाकिस्तानी नागरिकों को चिन्ह्ति करने की कसरत शुरू हुई थी। इसी कसरत में कश्मीर के थाना लाल बाजार की एक काॅलोनी में रहने वाले नसीम अहमद बट के परिवार को चिन्ह्ति किया गया था। बट वर्ष 2009 में पत्नी और परिवार के साथ विजिटर वीजा पर कश्मीर आया था और फिर नहीं लौटा था। उसकी बड़ी बेटी शाहिदा बानो का निकाह के बाद पति फारूख के साथ कुपवाड़ा में होना पता चला था। लेकिन पहलगाम हमले के बाद शाहिदा फारूख के साथ काशीपुर आ गई थी। कुपवाड़ा पुलिस ने जिला पुलिस से संपर्क साधा था। पुलिस ने गोपनीय तरीके से फारूख का पता किया तो वह काशीपुर के थाना साबिक स्थित मझरा पट्टी का रहने वाला निकला था। फारूख की एक पत्नी काशीपुर में अपनी दो बेटियों के साथ रहती है।
कुपवाड़ा में यूके मोटर्स नाम से है वर्कशॉप
एक नंबर से बनाए तीन आधार कार्ड, काशीपुर से बनवाया आधार
पुलिस और खुफिया एजेंसी ने शाहिदा के बारे में जानकारी की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। यह परिवार अटारी रेल अमृतसर से श्रीनगर आया था। विजिटर वीजा खत्म होने के बाद परिवार वापस लौटने के बाद गुपचुप ढंग से कश्मीर में बस गया। शाहिदा के पासपोर्ट की अवधि 2012 में खत्म हो चुकी थी। हाईस्कूल तक पढ़ी शाहिदा ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड के साथ ही मूल निवास और श्रम कार्ड तक बनवा रखा था। उसके पास एक ही आधार नंबर से तीन आधार कार्ड बनवा रखे थे। दो आधार में श्रीनगर के अलग-अलग जगह का पता दर्ज कराया गया था। कुछ समय पहले उसने काशीपुर से पति के पते वाली जगह का आधार कार्ड बनवाया था।
ब्यूटी पार्लर में काम करने के दौरान फारूख से हुआ संपर्क