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Udham Singh Nagar News: गन्ने के खेत से जल निकासी की व्यवस्था करें किसान

Mon, 14 Jul 2025 12:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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पंतनगर। जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कृषि विशेषज्ञों ने जुलाई के दूसरे पखवाड़े में किए जाने वाले प्रमुख कृषि कार्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत किसान गन्ने के खेत से जल निकासी की समुचित व्यवस्था करें और गन्ने को गिरने से बचाने के लिए उसकी जड़ों पर पर्याप्त मिट्टी चढ़ाएं।
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कृषि विशेषज्ञ डाॅ. एके शर्मा के अनुसार यदि फसल की बढ़वार अच्छी हो गई हो तो पांच फुट की ऊंचाई पर गांठ बंधाई कर लें। अगेती तना छेदक और शीर्ष अगोला बेधक सूड़ियों के लिए क्लोरांट्रानिलिप्रोले और पायरिला के लिए मोनोक्रोटोफाॅस का घोल बनाकर छिड़काव करें। इसके साथ ही किसान धान रोपाई का कार्य जल्द पूरा करें और 60 किग्रा फास्फोरस, 40 किग्रा पोटाश व 50 किग्रा नाइट्रोजन का प्रति हेक्टेयर की दर से रोपाई के पूर्व प्रयोग करें।

ऐसे करें खरपतवार नियंत्रण

खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के तीन दिन के अंदर प्रेटिलाक्लोर या ऑक्साडायर्जिल का घोल बनाकर छिड़काव करें। मक्का में निराई-गुड़ाई व सिंचाई करें और पौधों के दो फुट ऊंचा होने पर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। तना छेदक कीट के लिए डाईमेथोएट व प्ररोह मक्खी (शूट फ्लाई) के लिए ऑक्सीडिमेटाॅन मिथाईल के घोल का छिड़काव करें। सोयाबीन की फसल 20-25 दिन की होने पर पहली निराई-गुड़ाई कर घने पौधों को निकाल लें। खरपतवार नियंत्रण के लिए फसल बुवाई के 15-20 दिन बाद इमेजेथापायर या क्यूजेलोफाॅसपी ईथाईल का घोल बनाकर छिड़काव करें। अरहर की देर से बोई गई फसल में विरलीकरण और निराई-गुड़ाई कर खरपतवार निकाल दें।
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पर्वतीय क्षेत्रों में यह करें किसान
मंडुवा, झिंगोरा, काकुन और रामदाना की फसल में निराई-गुड़ाई कर खरपतवार नियंत्रण करें। खेत में पर्याप्त नमी होने पर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। रोग का प्रकोप होने पर फफूंदीनाशी जिनेब का घोल बनाकर छिड़काव करें। अरहर, सोयाबीन, उर्द, मूंग, नौरंगी (राइसबीन), गहत व राजमा की फसलों में निराई-गुड़ाई कर खरपतवार निकाल दें। चेतकी/जेठी धान में निराई-गुड़ाई कर खेत में उपयुक्त नमी होने पर यूरिया की टाॅप ड्रेसिंग करें। धान में खैरा रोग के लक्षण दिखाई देने पर 100 ग्राम जिंक सल्फेट व 400 ग्राम यूरिया का 20 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति नाली छिड़काव करें। झौंका रोग के लिए 10 ग्राम कार्बेंडाजिम का 10 लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति नाली छिड़काव करें।
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