बाजपुर। चीनी मिल नियमित नहीं चलने से नाराज किसानों ने मिल प्रधान प्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया का घेराव किया। किसानों ने मिल बार-बार बंद होने के कारण प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान होने और किसानों को दिक्कत होने का आरोप लगाया। जीएम ने जल्द किसानों की समस्याओं का हल करने का भरोसा दिया।
शुक्रवार को किसान चीनी मिल के प्रशासनिक दफ्तर पहुंचे। किसानों ने आए दिन मिल बंद रहने पर हंगामा किया। किसानों ने मिल प्रधान प्रबंधक का घेराव किया। कहा कि मिल बंद रहने से गन्ना लेकर आए किसान 3-3 दिन भूखे-प्यासे वाहनों के पास खड़े रहते है। उल्लेखनीय है कि बाजपुर चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक कैलाश टोलिया का बीते दिनों निधन हो गया था। किच्छा चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक त्रिलोक सिंह मार्तोलिया को बाजपुर चीनी मिल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। किसानों ने बताया कि चीनी मिल अधिकारियों की लापरवाही के चलते रिपेयरिंग ठीक से नहीं की गई है जिससे मिल बार-बार बंद हो रही है।
मिल के डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह ने बताया कि गीली बैगास होने के कारण चीनी मिल नहीं चल पाई थी। किसानों ने जीएम से गन्ना मूल्य का भुगतान करने की मांग भी रखी। प्रधान प्रबंधक ने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही किसानों की सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही। मौके पर विजेंद्र सिंह डोगरा, प्रताप सिंह संधू, गुरमीत सिंह,अजीत प्रताप सिंह रंधावा,विक्की रंधावा, दलजीत सिंह रंधावा, सुखदेव सिंह आदि थे। संवाद
चीनी मिल में गन्ने का जूस बहाने का आरोप
बाजपुर। चीनी मिल में लापरवाही के चलते बायलिंग हाउस के बाहर हजारों लीटर गन्ने का जूस बहा दिए जाने का मामला सामने आया है। गन्ने का जूस बहाने से मिल को भारी आर्थिक क्षति होने का भी आरोप लगाया गया है।
भाकियू के जिला महामंत्री विजेंद्र सिंह डोगरा ने बताया कि चीनी मिल के आए दिन बंद होने से किसान परेशान है। आरोप लगाया कि मिल अधिकारियों की लापरवाही के चलते मिल सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। गन्ने का जूस बहाए जाने से भी मिल को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारी मिल हित में नहीं सोच रहे हैं। मिल में बहाए गए गन्ने के जूस की कीमत लाखों रुपये होगी। बहाए गए जूस से काफी मात्रा में चीनी बनती जिससे मिल को लाभ होता। इधर मिल प्रधान प्रबंधक त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने कहा कि मिल बंद रहने से जूस खराब हो जाता है जिससे जूस की मड को बहाया गया है। गन्ने का जूस बहाने का आरोप उचित नहीं है। मड बहाने से मिल को नुकसान जरूर हुआ है। जीएम ने बताया कि मिल बंद रहने सहित अन्य मामलों की रिपोर्ट चीनी मिल फेडरेशन को भेजी गई है। संवाद