नानकमत्ता। बहुचर्चित चौहरा हत्याकांड में पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस को अहम सुराग मिले हैं और अपराधियों की गर्दन तक उसके हाथ भी पहुंच गए हैं। जघन्य वारदात में दिल्ली और हरियाणा से भी तार जुड़े होने की वजह से पुलिस की टीमें अब इन दोनों राज्यों में दबिश दे रही हैं। सूत्रों की माने तो हत्याकांड को अंजाम देने में करीबी शामिल हैं।
बीते 29 दिसंबर को नानकमत्ता के खटीमा मार्ग स्थित आशीर्वाद ज्वैलर्स के स्वामी अंकित उर्फ अजय रस्तोगी, उनकी मां आशा देवी, नानी सन्नो देवी व उनकी दुकान पर कारीगर ममेरे भाई उदित रस्तोगी की धारदार हथियार से प्रहार कर नृशंस हत्या कर दी गई थी। एक ही कुनबे के चार लोगों की हत्या से नानकमत्ता के साथ पूरा जिला थर्रा गया था। डीआईजी नीलेश आंनद भरणे, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर खुद ही हत्याकांड का खुलासा करने में लगीं टीमों से पल-पल अपडेट ले रहे हैं। वहीं, आईजी वी मुरुगेशन ने भी घटनास्थल का मौका मुआयना किया था और जांच टीमों को जरूरी निर्देश दिए थे।
एसटीएफ कुमाऊं की पुलिस उपाधीक्षक पूर्णिमा गर्ग, ऊधम सिंह नगर के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के प्रभारी परवेज अली, खटीमा सीओ बीएस भंडारी, एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, खटीमा इंस्पेक्टर नरेश चौहान, सितारगंज इंस्पेक्टर प्रकाश दानू, नानकमत्ता एसओ केसी आर्या समेत नानकमत्ता थाने में पूर्व में तैनात रहे थानाध्यक्षों और तेज तर्रार पुलिस कर्मियों के साथ चंपावत एसओजी की टीमें खुलासे में लगी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार चौहरा हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारोपी बदमाशों तक पुलिस पहुंच गई है। पुलिस को मामले में अहम सुराग हाथ लगने के बाद अब टीमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा दिल्ली व हरियाणा प्रांत में दबिशें दे रही हैं। पांचवें दिन पुलिस माथे पर खिंची चिंता की लकीरें कम होती दिखीं। बताया जा रहा है कि सुनार अंकित व उनके कुनबे के तीन लोगों की हत्या करीबियों की सह हुई है। पुलिस जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करेगी।
हत्या के पीछे लूट की आशंका लग रही सच
नानकमत्ता। चौहरा हत्याकांड के पीछे लूट की वजह ही सामने आ रही है। जिस तरह से घटनास्थल पर शव मिले थे और मां व नानी को कमरे में मृत अवस्था में छोड़ा गया, उससे प्रतीत होता था कि लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने चारों की हत्या कर शवों को ठिकाने लगाया और पुलिस को भ्रमित करना चाहा।
पुलिस जांच भी इसी आशंका पर टिकी है। हालांकि रंजिश, प्रेम प्रसंग और अवैध संबंधों पर भी पुलिस जांच कर रही है। पांचवें दिन पुलिस को जब अहम सुराग मिले तो पुलिस लूट के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए हत्या करने की आशंका जता रही है। मालूम हो कि अमर उजाला ने 30 दिसंबर को हत्या के पीछे लूट की आशंका जताई थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने भी जांच में प्रथम दृष्टया हत्या की वजह लूट होना माना था।
चंद दिनों में बनाई संपत्ति अंकित के परिवार पर पड़ी भारी
नानकमत्ता। कबाड़ी से ज्वैलर्स की दुकान खोलने और मकान का निर्माण कराने के बाद अंकित रस्तोगी अपने ही करीबियों की आंखों में खटकने लगा था। हत्याकांड के बाद जब पुलिस पड़ताल में जुटी तो संपत्ति या उस पर विवाद को केंद्र में रखकर साक्ष्य जुटाने में जुट गई। इससे माना जा रहा है कि लूट के बाद हत्या करने वाले हत्यारोपियों तक पुलिस पहुंच गई है। हालांकि, पुलिस के अधिकारी हत्याकांड में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
पूछताछ के लिए उठाए प्रधानों को छोड़ा
नानकमत्ता। पुलिस ने धमकी देने वाले एक प्रधान व एक प्रधान प्रतिनिधि को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि हत्याकांड से दोनों जनप्रतिनिधियों का कोई भी सरोकार नहीं निकला। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। हालांकि, पुलिस ने मृतक अंकित के करीबी परिचित युवक को पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस ने उठाए गए युवक से पहले भी पूछताछ कर चुकी थी।