सितारगंज। सड़क दुर्घटना के एक मामले में फर्जी बीमा पॉलिसी के आधार पर मुआवजा लेने के प्रयास करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में कंपनी ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने अभियुक्तों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन यूनिट के डिप्टी मैनेजर अभिषेक रस्तोगी ने बताया कि कंपनी को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 2021 में दाखिल मोटर दुर्घटना दावा याचिकाओं एमऐसीटी से संबंधित थर्ड पार्टी क्लेम मिला था। यह दावा वाहन संख्या यूके 06सीबी2160 से जुड़े सड़क हादसे पर था।
दावे में फरवरी 2021 को शाम पांच बजे सितारगंज में दुर्घटना की बात कही गई। उस दिन बाइक संख्या यूके 06एक्स1675 से सुल्तान और जालिस अहमद घर जा रहे थे। किच्छा की ओर से आ रहे डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों घायल हो गए। सितारगंज जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सुल्तान को मृत घोषित किया। जालिस को हायर सेंटर रेफर किया गया। बाद में उसे कृष्णा अस्पताल, हल्द्वानी और फिर राममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा (बरेली) में भर्ती किया गया।
मृतक सुल्तान की पत्नी टिना मलिक और घायल जालिस ने मुआवजा दावा दाखिल किया था। साथ ही वाहन स्वामी भगवान दास का नाम भी प्रकरण में है। दावा करते समय बीमा पॉलिसी संख्या 2895/585243 प्रस्तुत की गई। इसे 26 सितंबर 2020 से 25 सितंबर 2021 तक प्रभावी बताया गया।
रिकॉर्ड अनुसार कंपनी ने जारी नहीं की पॉलिसी
कंपनी अधिकारियों ने जब रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि उक्त पॉलिसी कंपनी ने जारी ही नहीं की। सिस्टम में इस नंबर की कोई प्रविष्टि नहीं है। प्रस्तुत दस्तावेज में पॉलिसी नंबर, प्रीमियम राशि, कंपनी की मुहर और हस्ताक्षर समेत कई विवरणों में हेरफेर हुआ है और दस्तावेज फर्जी प्रतीत होते है।