मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाएं बेचने और झोलाछापों द्वारा क्लीनिक चलाने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को ताबड़तोड़ छापामारी की। इस दौरान तीन मेडिकल स्टोरों में क्लीनिक चलते मिले। साथ ही एक्सपायरी डेट की दवाइयां और इंजेक्शन मिलने पर पांच मेडिकल स्टोर स्वामियों को नोटिस दिए गए। छापे की भनक लगने पर कई मेडिकल स्टोर स्वामी स्टोर बंद करके खिसक गए।
बुधवार अपरान्ह औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी कुमाऊं हेमंत नेगी, एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना और ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट ने पुलिस फोर्स के साथ भदईपुरा से मेडिकल स्टोरों में छापामारी शुरू की। टीम सबसे पहले जनता मेडिकल स्टोर पर पहुंची, लेकिन वहां ताला लटका मिला। इसके बाद टीम ने सिंह मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां फ्रिज न होने पर कुछ महत्वपूर्ण इंजेक्शन को खुले में रखा गया था।
साथ ही कुछ एक्सपायरी डेट एवं प्रतिबंधित दवाएं बिकती मिलीं। इसके अलावा मेडिकल स्टोर के पिछले हिस्से में सांई क्लीनिक भी खुला था। हालांकि मेडिकल स्टोर स्वामी का कहना था कि वर्तमान में क्लीनिक में किसी मरीज का इलाज नहीं किया जा रहा है। इसके बाद टीम ने यादव मेडिकल स्टोर में छापा मारा, जहां एक्सपायरी डेट की दवा, इंजेक्शन के साथ ही चिकित्सक द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला आला (स्टेथोस्कोप) भी बरामद हुआ।
मेडिकल स्वामी ने बताया एक अस्पताल का चिकित्सक उनके यहां प्रैक्टिस करने आता है। इसके बाद टीम ने किच्छा मार्ग स्थित दीपांशु मेडिकल स्टोर में छापा मारा। स्वास्थ्य विभाग की टीम के मुताबिक, मेडिकल स्टोर में कुछ नशे वाली दवाएं बिकती मिलीं, जिन्हें मरीजों को चिकित्सक के पर्चे के बगैर नहीं बेचा जा सकता है। इसके बाद टीम ने निकट ही एमएल सैनी मेडिकल स्टोर और केयर मेडिकल स्टोर में छापे मारे। जहां टीम को एक्सपायरी डेट की दवाओं के साथ ही क्लीनिक संचालन होता भी मिला। केयर मेडिकल स्टोर में मरीज को चढ़ाई जा रही ग्लूकोज की बोतल भी लगी हुई मिली।
औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी कुमाऊं हेमंत नेगी ने कहा कि पांचों मेडिकल स्टोरों में लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन मिला है। मेडिकल स्टोरों में अवैध रूप से झोलाछापों द्वारा क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। पांचों को बंद करवाकर दवाईयों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
नशे का बड़ा कारोबारी फरार
रुद्रपुर। छापामार कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नौ दुकानों को चिन्हित किया था, लेकिन छापे की भनक लगते ही चार मेडिकल स्टोर स्वामी दुकान बंद करके खिसक गए। बताया जा रहा है इन चार में से एक नशे का बड़ा धंधेबाज है। इसके शहर में दवाइयों के कई गोदाम हैं, लेकिन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रही है। रम्पुरा चौकी के दरोगा जीआर गोला ने कहा कि अगली छापेमारी के लिए पुलिस द्वारा अधिक से अधिक मेडिकल स्टोर चिन्हित करने का प्रयास किया जाएगा। रम्पुरा और भदईपुरा क्षेत्र के नशे के धंधेबाजों को बख्शा नहीं जाएगा।
ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंकी जा रहीं एक्सपायरी दवाएं
रुद्रपुर। एक मेडिकल स्टोर पर छापे के दौरान औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी ने जब सख्ती से पूछा तो मेडिकल स्टोर स्वामी ने बताया दवाइयां ट्रंचिंग ग्राउंड पर फेंक दी जाती हैं। इस पर उन्होंने चेतावनी दी यदि भविष्य में दोबारा ट्रंचिंग ग्राउंड में मेडिकल वेस्ट या एक्सपायरी डेट की दवाएं फेंकीं तो एनजीटी के द्वारा 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
तीन मेडिकल स्टोरों पर होगी क्लीनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट की कार्रवाई
रुद्रपुर। छापे के दौरान जिन तीन मेडिकल स्टोरों पर क्लीनिक चलता मिला, उनके खिलाफ क्लीनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत कार्रवाई होगी। टीम ने मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिख दिया है।
पुुराने सीरिंज के बार-बार इस्तेमाल से एचआईवी का खतरा
रुद्रपुर। मेडिकल स्टोरों पर इलाज के दौरान कुछ झोलाछापों द्वारा पुरानी सीरिंज के बार-बार इस्तेेमाल का मामले सामने आया है। चिकित्सकों के अनुसार इससे एचआईवी फैलने का खतरा रहता है।