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छह करोड़ की लागत से बने बहुउद्देशीय हॉल से सुविधाएं नदारद

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काशीपुर स्पोट्र्स स्टेडियम में बने बहुद्देशीय हाल में उखड़ी वायरिंग। - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से खेल अवस्थापना सुविधा योजना के तहत 690.27 लाख की लागत से बना बहुउद्देशीय हॉल खेल विभाग की उपेक्षा का शिकार होकर रह गया है। करोड़ों की लागत से बने इस हॉल में खिलाड़ियों के लिए मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं लेकिन कोई इसे देखने वाला नहीं है।
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रामनगर रोड स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा के अथक प्रयासों से खेल अवस्थापना सुविधा योजना के तहत बहुउद्देशीय हॉल बनाया गया था। इसका शिलान्यास 28 फरवरी 2014 में भारत सरकार के तत्कालीन युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह, तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत व खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने किया था। बाद में इस हॉल का लोकार्पण प्रदेश के तत्कालीन सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व खेल मंत्री अरविंद पांडे, विधायक हरभजन सिंह चीमा ने नौ मार्च 2019 को किया था।
इसका निर्माण उत्तरप्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड हल्द्वानी ने किया था। करोड़ों की लागत से बने इस हॉल को बॉक्सिंग, बैडमिंटन, टेबिल टेनिस, बॉस्केटबाल, जूडो-कराटे, ताइक्वांडों, कुश्ती, जिमनास्टिक आदि इंडोर खेलों को खेलने के मकसद से बनाया गया था। बावजूद इसके हॉल में न लाइट की व्यवस्था है, न पंखे और एडजास्ट फैन की, न खिलाड़ियों व दर्शकों के बैठने की कोई व्यवस्था है। यही नहीं वुडन का फर्श जगह-जगह से टूट रहा है। बिजली फिटिंग दीवारों के सहारे लटकी पड़ी है। खिलाड़ियों का कहना है कि इस हॉल के अंदर प्रैक्टिस करने में दम घुटने लगता है क्योंकि हवा निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं है।
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- तीन साल पहले हॉल का लोकार्पण किस मकसद से किया गया, मुझे आज तक समझ नहीं आया। कहने को छह करोड़ खर्च हुए हैं लेकिन खिलाड़ियों को क्या सुविधाएं दी जा रही हैं पता नहीं। बरसात में हॉल टपकता है, फर्श टूट रहा है, हॉल का कोई रख-रखाव नहीं है।
विजेंद्र चौधरी, चेयरमैन, उत्तराखंड एथलेटिक्स सेलेक्शन कमेटी
- जब इस हॉल का शिलान्यास हुआ था तब उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। क्षेत्र के खिलाड़ियों को इस हॉल में कोई सुविधा नहीं मिल रही है। यह तो एक सफेद हाथी सामान हो गया है।
राजीव चौधरी, सचिव, उत्तराखंड वेटलिफ्टिंग
- बहुउद्देशीय हाल नाम तो रखा गया, लेकिन इसमें क्या सुविधाएं हैं यह तो मौके पर दिख जाएगा। खिलाड़ियों के लिए पंखे तक नहीं हैं। इतने बड़े हॉल में कहीं भी बैठने की व्यवस्था तक नहीं है। लाइट की व्यवस्था भी नहीं की गई है।
पूरन पांडे, बॉक्सिंग कोच
- क्षेत्र से तमाम खेल प्रतिभाएं राज्य और देश का नाम रोशन करती रहती हैं। उन्हें खेल के नाम पर क्या सुविधाएं मिल रही हैं, सभी को मालूम है। बहुउद्देशीय हॉल भी बना लेकिन यह सिर्फ नाम का है। क्या समस्याएं हैं सभी जानते हैं।
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प्रकाश पंथरी, वालीबॉल कोच

काशीपुर स्पोट्र्स स्टेडियम में बना बहुउद्देशीय हॉल- फोटो : KASHIPUR

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