मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सम्मेलन में आए महिला, बुजुर्ग, बच्चों से मुलाकात भी की। उन्होंने प्रोटोकॉल तोड़कर मंच से नीचे उतरकर पंडाल में बनी महिला, बुजुर्ग, बच्चों की दीर्घा में जाकर उनका अभिवादन दिया। उनकी सादगी का हर कोई कायल हो गया।
राजकीय आश्रम पद्धति स्कूल विडौरा में आयोजित सम्मेलन में सीएम हरीश रावत पहले मंच पर पहुंचे और मंच से सभी का अभिवादन किया। इसके बाद सीएम प्रशासनिक अमले को बिना बताए कुर्सी से उठकर प्रोटोकॉल तोड़ सीधे दर्शक दीर्घा में जा पहुंचे।
इससे एकबारगी डीएम, एसएसपी से लेकर सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मी तक घबरा गए। सीएम ने बैरीकेडिंग को पार कर स्कूली बच्चों, महिला, बुजुर्गों से मिलकर उनका हाल जाना। एक बुजुर्ग महिला सीएम से मिलते ही फफक पड़ी और उसने सीएम को अपना दुखड़ा सुनाया।
सीएम ने भी अफसरों से महिला का नाम नोट कर तत्काल उसकी समस्या हल करने को कहा। इसके बाद सीएम ने मंच पर अपना संबोधन शुरू किया। जैसे ही वह संबोधन के लिए खड़े हुए तो उनके पास बैठे भाजपा विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा उखड़ गए और हंगामा काटने लगे, लेकिन सीएम रावत ने संयम बनाए रखा।
हंगामा काट रहे विधायक राणा की तरफ मुड़कर भी नहीं देखा और अपना संबोधन जारी रखा। मंच पर इतना कुछ हो जाने के बाद भी सीएम रावत ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। उनकी सादगी ने लोगों को कायल कर दिया।
विडौरा मझोला के राजकीय आश्रम पद्धति में आयोजित राय सिख सम्मेलन में भारी तादाद में महिला, बुजुर्ग, बच्चे पहुंचे। खुले मैदान में पंडाल के नीचे मंच और दर्शक दीर्घा में बैठे नेता, दर्शकों के पसीने छूट रहे थे। स्कूली बच्चे तो अपने आप को गर्मी से निजात दिलाने के लिए बुकलेटों से हवा करते नजर आए।
निर्धारित कार्यक्रम के एक घंटा देर से 1:10 बजे सीएम रावत पहुंचे और 2:24 पर सम्मेलन समाप्त हो गया। इस दौरान तेज धूप से गर्मी में सीएम हरीश रावत भी पसीना पोंछते रहे।
कांग्रेसियों और प्रशासन द्वारा आनन-फानन में आश्रम मैदान में की गई सीएम के आगमन की तैयारियों से पंडाल में मंच को छोड़कर किसी भी दीर्घा में पंखे नहीं लगाए गए थे। जिससे कार्यक्रम में आए लोगों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा।