रुद्रपुर। केजीसीसीआई की ओर से जीएसटी पर आयोजित सेमिनार में बजट 2025 में कर में किए गए संशोधनों की जानकारी उद्यमियों को दी गई। इस दौरान व्यापारियों एवं उद्यमियों को पेनल्टी से बचने के लिए अपनी रिटर्न समय से फाइल करने की अपील की गई।
एक होटल में आयोजित सेमिनार में कुमायूं गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अशोक कुमार बंसल ने बताया कि उद्योगों से प्राप्त कर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उद्योग ही देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
विभागीय अधिकारियों को सहयोग कर उद्योगों की शिकायतों एवं विवादों का निराकरण करना चाहिए। सहायक आयुक्त सीजीएसटी राजेंद्र चौधरी ने कहा कि उद्योगों एवं व्यापारियों के टैक्स से संबंधित जो भी केस या विवाद हैं, उन्हें सुलझाने के लिए जीएसटी विभाग सदैव तत्पर रहता है।
सीए हेमंत सिंघल ने इनवॉयस मैनेजमेंट सिस्टम के बारे में जानकारी दी। सीए मोहित देव ने कहा कि जीएसटी की एमनेस्टी स्कीम केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड की ओर से एक राहत की पहल है।
रोहित श्रीवास्तव, ज्वाइंट कमिश्नर (ऑडिट), सीजीएसटी, कुमायूं जोन ने सेमिनार में व्यापार और उद्योगों से संबंधित जीएसटी की समस्याओं, उनके समाधानों तथा बजट में जीएसटी से जुड़े नवीनतम बदलावों पर विस्तार से चर्चा की।
इस दौरान उद्यमियों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछे। वहां पर स्मिता, ज्वाइंट कमिश्नर (एक्जीक्यूटिव), डीपी यादव, अतुल असावा, सुरेश चन्द्र अग्रवाल, विकास सिंह, नरेश घई, संजय अदलखा, डॉ. जीएस तिवारी, नरेश कुमार गुप्ता सहित अनेक मौजूद रहे।