तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा जंगल से खैर के गिल्टे ले जा रहे तस्करों और वनकर्मियों के बीच मुठभेड़ हो गई। वनकर्मियों को देखकर भाग रहे तस्करों की बोलेरो के आगे डिप्टी रेंजर ने जीप लगाकर रोक दिया। इससे बोलेरो का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और शीशा सिर पर लगने से वाहन चला रहा तस्कर घायल हो गया। इस घटना में डिप्टी रेंजर भी चोटिल हुए हैं। दोनों तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर उनको कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।
सोमवार की आधी रात टांडा रेंज में तैनात डिप्टी रेंजर दीवान सिंह रौतेला की अगुवाई में टीम गश्त पर थी। टीम हल्द्वानी-रुद्रपुर रोड पर पत्थरचट्टा से टांडा की तरफ जा रही थी। रात करीब सवा दो बजे टीम प्लाट संख्या टांडा एक पर पहुंची तो वहां पर कुछ लोग बोलेरो में गिल्टे भर रहे थे। वन कर्मियों ने अपना वाहन लकड़ी भर रहे लोगों के वाहन के आगे खड़ा दिया।
घायल तस्करों का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। टांडा रेंज के रेंजर रूप नारायण गौतम ने बताया कि वाहन से खैर की लकड़ी के छह गिल्टों के साथ ही मौके पर 12 गिल्टे पड़े मिले थे। बताया कि आरोपियों को 26 वन अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है।
पैर में थी चोट, नहीं की परवाह
वन संपदा की तस्करी रोकने के लिए दिनरात चौकसी की जा रही है। वन कर्मी चौबीस घंटे अलर्ट मोड पर हैं। वह स्वयं इस पर नजर रख रहे हैं। गिरफ्तार तस्करों के साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है।
-यूसी तिवारी, डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग, रुद्रपुर