प्रीपेड मीटरों के विरोध में जलाया प्रदेश सरकार का पुतला
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रुद्रपुर में नए प्रीपेड स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने के लिए सर्वे से कांग्रेसी भड़क उठे हैं। उन्होंने बिजली के निजीकरण का आरोप लगाते हुए ऊर्जा निगम के सर्किल कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और अधीक्षण अभियंता के मौजूद न मिलने पर आक्रोश जताया। उन्होंने यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक को संबोधित ज्ञापन एसई कार्यालय के गेट पर चस्पा कर दिया।
जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसियों ने कार्यालय के बाहर प्रदेश सरकार का पुतला जलाया। जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा ने कहा कि रुद्रपुर में 80 फीसदी लोग नजूल की भूमि पर रहते हैं। इनमें करीब 60 फीसदी परिवार गरीब हैं, जो रोजाना कमाकर घर चलाते हैं। ऐसे में वे प्रीपेड मीटर रिचार्ज कहां से कर पाएंगे। आरोप लगाया कि सरकार प्रीपेड मीटर लगाकर आम आदमी का गला घोंटना चाहती है। बिजली के निजीकरण को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष मीना शर्मा ने कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनाव में बिजली बिल माफ करने की घोषणा की थी लेकिन चुनाव होते ही अब जनता से वादाखिलाफी की जा रही है। प्रीपेड मीटर जनविरोधी योजना है। इसका सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा।
इस दौरान ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक के नाम ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं आया। इससे गुस्साए कांग्रेसी एसई त्रिपाठी के कार्यालय गेट पर ही ज्ञापन चस्पा करके चले गए। वहां महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा, सौरभ चिलाना, हरीश बाबा, मोहन खेड़ा, मनोज कुमार सिंह, रामकृष्ण सैनी, मोनिका ढाली, प्रीति साना, सपना गिल, काजल चौहान आदि थे।