काशीपुर के दिव्यांग स्पेशल स्कूल में पढ़ाई करते बच्चे।
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रुद्रपुर। जिले के 50 नेत्रहीन, मूकबधिर व मानसिक दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई करने का जिम्मा काशीपुर के रामपुरम कॉलोनी निवासी मीनाक्षी चौहान ने उठाया है। इंटर में कला संकाय के चार मूकबधिर छात्रों को मीनाक्षी साइन लैंग्वेज से पढ़ाती है। बाकी नेत्रहीन बच्चे ब्रेल लिपि के माध्यम से अक्षरों को छूकर पढ़ते हैं।
मीनाक्षी बताती हैं कि सर्व शिक्षा अभियान के दौरान उन्होंने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा दी। उसके बाद दिव्यांग बच्चों को ही पढ़ाने का जिम्मा उठाया।
बताया कि वह विशेष शिक्षा में बीएड और एमएड दृष्टिबाधित की डिग्री के साथ हिंदी व समाजशास्त्र से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। बताया कि दिव्यांग बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के लिए उन्होंने वर्ष 2016 में अनमोल फाउंडेशन ट्रस्ट का गठन किया। ट्रस्ट के गठन के बाद जिलेभर में दिव्यांग बच्चों को विशेष शिक्षा देने के लिए जागरूकता शिविर भी लगाया गया। उसके बाद वर्ष 2017 में डीएम डॉ. नीरज खैरवाल की ओर से काशीपुर के ब्लॉक संसाधन केंद्र में दिव्यांगों के स्पेशल स्कूल खोलने की अनुमति दी गई। शुरुआत में सिर्फ 20 बच्चे थे, उसके बाद अब तक स्कूल में 50 बच्चे पंजीकृत हो गए हैं। बताया कि दिव्यांग बच्चों का वह सरकारी स्कूल में एडमिशन कराते हैं लेकिन शिक्षा स्पेशल स्कूल में ही दी जाती है।
मीनाक्षी चौहान।- फोटो : RUDRAPUR