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आईसीएआर की रैंकिंग में पंतनगर विवि बना सिरमौर

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पंतनगर का प्रशासनिक भवन। - फोटो : RUDRAPUR
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की वर्ष 2021 के लिए कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय इस बार सिरमौर बनकर उभरा है। जबकि ओवर ऑल संस्थानों में चौथे पायदान पर कब्जा जमाया है। इसमें पहले पायदान पर एनबीआरआई, दूसरे पायदान पर आईआरआई और तीसरे पायदान पर आईवीआरआई जैसे संस्थान हैं।
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आईसीएआर प्रतिवर्ष अपने सभी संस्थानों का परीक्षण करता है। जिसकी रैंकिंग कृषि शिक्षा दिवस (डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती) तीन दिसंबर को जारी की जाती है। रैंकिंग की प्रक्रिया में सभी कृषि विश्वविद्यालयों और संस्थानों को लगभग पचास मानकों का एक प्रपत्र भरना होता है। उन मानकों में संस्थान को अपने पूरे वर्ष की संपूर्ण गतिविधियों और उपलब्धियों को प्रपत्र में भरकर आईसीएआर की वेबसाइट पर डालना होता है। इसमें से आधे ऐसे मानक हैं जिनके आंकड़े आईसीएआर स्वत: ही ऑनलाइन, जैसे संस्थान के कितने जेआरएफ, एसआरएफ और कितने एआरएस चयनित हुए, वैज्ञानिकों के कितने शोध पत्र प्रकाशित हुए, प्राप्त कर लेता है। इन सभी मानकों पर संस्थान को आंकड़े भरने पड़ते हैं।
आंकड़ों को भरकर सबमिट करने के लिए पंतनगर विवि में कुलपति ने अधिष्ठाता कृषि डॉ. एसके कश्यप की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी रैंकिंग मॉनीटरिंग टीम का गठन किया है। इस टीम ने रैंकिंग प्रपत्र में संचालित परियोजनाओं का उल्लेख, छात्रों की उपलब्धियां आदि आंकड़े एकत्र कर भरे थे। जिसके आधार पर आईसीएआर द्वारा देश भर के संस्थानों से आए आंकड़ों को एनालाइज करके शुक्रवार को रैंकिंग घोषित की गई।
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तीन वर्ष पूर्व तक इस रैंकिंग में पंतनगर विवि दसवें पायदान पर था। वर्ष 2019 में यह पहले पायदान पर पहुंचा, लेकिन 2020 में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय पहले पायदान पर पहुंच गया और पंतनगर विवि को दूसरे पायदान पर संतोष करना पड़ा। इस बार पुन: पंतनगर विवि कृषि विश्वविद्यालयों का सिरमौर बनकर उभरा है। विवि की इस उपलब्धि पर कुलपति डॉ. तेज प्रताप ने रैंकिंग कमेटी सहित प्राध्यापकों, छात्रों और कर्मियों को बधाई दी है।
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