पंतनगर के प्रशासनिक भवन में प्रदर्शन करते व्यापारी।
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पंतनगर विवि प्रशासन की ओर से परिसर की लगभग 150 दुकानों का किराया व्यावसायिक दर पर किए जाने की आशंका से व्यापारियों में आक्रोश है। शनिवार सुबह 11 बजे व्यापारियों ने परिसर की सभी दुकानें बंद कर दीं और प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन कर नारेबाजी करते हुए किराया न बढ़ाने की मांग की। डेढ़ बजे कुलपति ने प्रदर्शनकारी व्यापारियों से सोमवार को वार्ता करने की बात कही, लेकिन उन्होंने नकार दिया। इसके बाद व्यापारी बड़ी मार्केट में धरने पर बैठ गए और प्रशासन से वार्ता होने तक सभी दुकाने बंद रखने का एलान किया।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद 70 के दशक में छात्रों, कर्मियों और प्राध्यापकों के लिए मार्केट बनाकर व्यापारियों को मात्र 30-40 रुपये में दुकान और आवास इस शर्त पर आवंटित किए थे कि प्रति तीन वर्ष पर किराए में 33 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में इन दुकानों का लगभग छह सौ और आवासों का लगभग आठ सौ रुपयेकिराया विवि प्रशासन वसूल रहा है। जबकि मेंटीनेंस के नाम पर विवि प्रशासन ने आज तक इन दुकानों और आवासों की सुध नहीं ली। शनिवार को विवि में अवकाश घोषित था, लेकिन प्रबंध परिषद की पूर्व प्रस्तावित बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे से प्रशासनिक भवन में चल रही था। जिसमें विवि सहित शासन के अधिकारी भी थे।
इसी बीच किसी ने व्यापारियों को सूचना दी कि इस बैठक में परिसर की सभी दुकानों का किराया व्यावसायिक दर पर किए जाने का प्रस्ताव रखा जा रहा है। जिसके बाद इस किराए में आठ से दस गुना तक वृद्धि हो जाएगी। यहां कांग्रेस नेता हरीश पनेरू, गिरीश चतुर्वेदी, अमन गाबा, दीपक देउपा, नंदा बल्लभ पांडे, अनुपम राव, रितेश सिंह, महिपाल बिष्ट, नन्हे मियां, सरफराज, पिंकू, सुभाष खुराना, श्याम खुराना, रमेश मेडिकल, बलवंत सिंह, अजय चैहान आदि बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे। मामले में परिसंपत्ति अधिकारी ने बताया कि उन्हें किराए में बढ़ोत्तरी संबंधी किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है। (संवाद)