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अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर छात्रों को कठिन विषयों को समझाया

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रिंकू सक्सेना। - फोटो : KASHIPUR
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काशीपुर। कोरोना के चलते मार्च 2020 से छात्रों के सीखने की प्रक्रिया पर लंबे समय तक विराम लग गया। आनलाइन पढ़ाई के दौरान कठिन विषयों को समझाना मुश्किल हो रहा था क्योंकि विद्यार्थी और शिक्षक पूरी बात ठीक से सामने नहीं रख पा रहे थे। अब स्कूल खुलने पर अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर विद्यार्थियों को कठिन विषयों को बेहद सरल तरीके से समझाया जा रहा है।
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कोरोना काल में स्कूल बंद होने पर अधिकतर समय ऑनलाइन कक्षाएं लगाई गईं लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कई बार नेटवर्क की कमी तो कई बार फोन संबंधी अन्य कारणों से पढ़ाई सुचारु नहीं हो सकी। अब फरवरी 2022 से स्कूल नियमित खुलने के बाद पढ़ाई सुचारु रूप से हो रही है। छात्र-छात्राओं की संख्या में इजाफा होना शुरू हो गया है। अधिकतर स्कूलों में 85 फीसदी से अधिक बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं। स्कूल प्रबंधन की ओर से भी कोरोना काल में पढ़ाई पर पड़े असर की भरपाई अतिरिक्त कक्षाओं के जरिए कराई जा रही है।
ऑफलाइन पढ़ाई कई बार मोबाइल फोन के कारण पूरी तरह नहीं हो सकी। शिक्षकों को भी पढ़ाई कराने के बावजूद छात्रों को समझाने में दिक्कतें आईं। अब इस प्रक्रिया में लगातार सुधार किया गया है। शिक्षकों के मुताबिक कई बच्चों को पिछले वर्ष के कई टॉपिक पढ़ाए गए। कोरोना काल में छात्राओं की पढ़ाई की भरपाई अतिरिक्त कक्षाएं चलाकर कराने का प्रयास किया गया और किया जा रहा है। शिक्षकों ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा से पहले अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के छात्रों को कठिन विषयों को समझाया।
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- छात्रों के शैक्षिक उन्नयन के लिए ऑफलाइन शिक्षण कार्य बेहतर है। मौखिक व्याख्यान के साथ-साथ वैज्ञानिक सिद्धांतों, अवधारणाओं को समझाने के लिए प्रयोगात्मक कार्य और क्रियाकलापों पर जोर देने से छात्रों में सीखने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है।
राजू गौतम, शिक्षक
- लॉकडाउन के चलते अभिभावकों ने जिस आशा से अपने बच्चों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराए थे। उनकी अपेक्षाओं पर छात्र खरे नहीं उतरे। ऑफलाइन पढ़ाई के दौैरान जो भी छात्र विद्यालय आए। उनमें पढ़ाई की पहले वाली झलक बिल्कुल दिखाई नहीं दी। अब छात्र और शिक्षकों को पठन-पाठन में दोगुनी मेहनत कर पहले वाली ललक को नए सिरे से छात्रों में पुनर्जीवित करना पड़ रहा है।
प्रमोद कुमार, शिक्षक
-लॉकडाउन के चलते ऑनलाइन शिक्षण में दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों की कुछ छात्राओं में मोबाइल और उनके रिचार्ज की समस्याओं के कारण उनकी पढ़ाई सुचारु रूप से नहीं हो सकी। स्कूल खुलने पर छात्राओं में विषय संबंधी कमियां सामने आईं। शिक्षिकाओं ने समय रहते हुए पाठ्यक्रम को पूरा कराते हुए अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर उनकी कठिनाइयों का समाधान किया।
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रिंकू सक्सेना, प्रधानाचार्य

प्रमोद कुमार।- फोटो : KASHIPUR

राजू गौतम- फोटो : KASHIPUR

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