काशीपुर। बाबा भुल्लन शाह के आस्ताने पर इस्लाही कांफ्रेंस के साथ सालाना उर्स शुरू हो गया है। मौलाना हाशमी नूरी ने कहा कि औलिया अल्लाह के महबूब बंदे हैं। औलिया के आस्ताने पर सभी को बगैर किसी भेदभाव के उपकार मिलता है।
बुधवार रात आयोजित कांफ्रेंस में कर्नाटक के शिमोगा से आए मुफ्ती आकिल रजा मिस्बाही ने कहा कि तालीम से इंसान में शऊर (योग्यता) आता है, अखलाक (आचरण) सुधरते हैं। इंसान को दीनी और दुनियाबी दोनों तरह की तालीम हासिल करनी चाहिए। राजस्थान से आए खतीबे हिंदुस्तान मौलाना हाशमी नूरी ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की सुन्नतों पर अमल करने के साथ ही नमाज की पाबंदी करें। राजस्थान के नागौर शरीफ से आए शायरे इस्लाम शरीफ रजा बासनी ने नात व मनकबत पेश कर खूब वाहवाही बटोरी।
मजलिस में मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआएं की गईं। वहां मेहमाने खसूरी रहमत अली खां, अमीर दूल्हा खां, फरीद अहमद, असलम खान, फरमान खान, रिजवान खान, कलुआ, तस्लीम अहमद, अतीक अहमद आदि मौजूद थे। उर्स का समापन शुक्रवार को कुल शरीफ के होगा।