उत्तराखंड मुक्त विवि की ओर से बुधवार को रुद्रपुर पीजी कॉलेज में दूरस्थ शिक्षा में ई-लर्निंग की भूमिका विषय पर दो दिनी राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। जिसमें दूरस्थ शिक्षा की चुुनौतियों व महत्व पर व्यापक चर्चा हुई।
बीएड सभागार में संगोष्ठी का मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार ठुकराल, उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति डॉ. ओपीएस नेगी, संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. जेसी घिल्डियाल, मुक्त विवि के निदेशक डॉ. आरसी मिश्रा ने शुभारंभ किया।
कुलपति डॉ. नेगी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए ई-लर्निंग के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा वरदान की तरह है। छात्र-छात्राओं के साथ किसी कारण अपनी शिक्षा पूरी न कर सके लोग घर बैठे पढ़ सकते हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. घिल्डियाल ने कहा कि ई-लर्निंग को उच्च शिक्षा में लागू करना जरूरी है। निदेशक डॉ. मिश्रा ने कहा कि मुक्त शिक्षा प्रणाली का इतिहास पुराना है। इसे दूरस्थ शिक्षा प्रणाली में ई-लर्निंग लागू होने से इसकी गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस दौरान सारांश पुस्तिका, रुद्रपुर पीजी कॉलेज की सहायक प्रो. डॉ. रूमा शाह की ओर से लिखित पुस्तक प्रबंध काव्यों में सौंदर्य चेतना के विविध सोपान का विमोचन किया गया।
इस मौके पर सहायक प्रो. डॉ. गौरव वार्ष्णेय, प्रभारी प्राचार्य डॉ. बसंत शर्मा, डॉ. पुष्पा देवी, डॉ. डीकेपी चौधरी, डॉ. सुभाष वर्मा, डॉ. एमसी पांडेय, डॉ. वाईके शर्मा, डॉ. निर्मला जोशी, डॉ. कमला बोरा, डॉ. एसके श्रीवास्तव, डॉ. हरनाम सिंह, डॉ. मुन्नी जोशी, डॉ. हरीश चंद्रा, डॉ. जीएस यादव, डॉ. कुंदन सिंह राठौर आदि मौजूद रहे।
कुमाऊं विवि की संबद्धता मोहताज न रहे यूओयू
रुद्रपुर। उत्तराखंड मुक्त विवि के कुलपति डॉ. ओपीएस नेगी ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा की पहुंच धारचूला, गुंजी आदि दूरस्थ तक है। उत्तराखंड मुक्त विवि का लाभ सभी को मिल रहा है। इसके बावजूद उत्तराखंड मुक्त विवि संबद्धता के लिए कुमाऊं विवि पर मोहताज है। उन्होंने विधायक ठुकराल से मुक्त विवि की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने की मांग की। ब्यूरो