दिनेशपुर के मोहनपुर नंबर एक गांव में शराब के नशे में हुए विवाद में आवेश में आए बेटे ने कुल्हाड़ी से वार कर पिता की हत्या कर दी। गांव पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गुरबत में जीवन यापन कर तीन बेटों और दो बेटियों का भरण पोषण करने वाले गुरुपद अपने ही बेटे के हाथों जान गंवा बैठा। कच्ची शराब के नशे में पिता-पुत्रों के बीच हुए झगड़े का खौफनाक अंत हो गया। सुहाग उजड़ने से फफक रही महिला माधुरी विश्वास ने कहा कि आखिर वे किसे दोषी कहे। उनका पिता चला गया और बेटे की भी जिंदगी बर्बाद हो गई। घटना में मृतका की विवाहित बेटी ने कहा कि उनका भाई पिता को मारना नहीं चाहता था। धोखे से कुल्हाड़ी की चोट पिता गुरुपद के गर्दन और सिर पर गहरी लग गई थी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार की सुबह मोहनपुर नंबर एक में गुरुपद की हत्या की खबर ग्रामीणाें की मिली तो वे उसके घर की तरह दौड़ पड़े। घर पर मृतक की पत्नी माधुरी और बेटियां रो रही थी। वे नशे और खौफनाक रात को कोस रही थी। रोते हुए माधुरी विश्वास ने बताया कि उसकी तो दुनियां ही उजड़ गई है। पति रहा नहीं और बेटा सुहाग उजड़ने का जिम्मेदार है। लेकिन वह बेटे को भी सजा कैसे दिलाए। कहा कि बुधवार की रात बेटे ने पिता को फोन कर गांव में झगड़ा होने की सूचना दी थी। जब पिता वहां पहुंचे तो गलती बेटे की थी। इस पर पिता ने बेटे को थप्पड़ मार दिया था। इस बात पर बेटे ने घर आकर पिता से नाराजगी जताई थी।
इसी नाराजगी की वजह से दोनों आवेश में आ गए थे और पति की जान चली गई थी। घर के पास सड़क पर पूरी घटना हुई थी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि कच्ची शराब के नशे के चलते मामला बढ़ा था। दोनों नशे में थे और उनको रोकने वाला कोई नहीं था। इस वजह से बेटे के हाथों पिता का कत्ल हो गया।