अमाऊं गांव में चार पुलिया बनाकर 30 बीघा कृषि भूमि पर अवैध प्लॉटिंग के मामले में डीएम डा. पंकज पांडे ने तीन लोगों के कृषि पट्टे निरस्त कर दिए। एसडीएच ऋचा सिंह, प्रशिक्षु पीसीएस सीमा विश्वकर्मा ने अपनी टीम को साथ लेकर जमीन पर कब्जा ले लिया।
उमरुखुर्द से अमाऊं गांव में आने जाने के लिए खकरा नाले पर चार पुलिया बनी थी। जिसको लेकर अमाऊं की ग्राम प्रधान मोहनी पोखरिया ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलियों के निर्माण को अवैध बताते हुए पुलियों को ध्वस्त करने की मांग की थी। जांच में अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया था।
जिसमें जहां उमरुखुर्द के प्रॉपर्टी डीलरों को पुलिया बनने से लाभ मिल रहा था। वहीं अमाऊं के प्रॉपर्टी डीलरों को नुकसान हो रहा था। यही प्रॉपर्टी डीलर पुलिया निर्माण के विवाद को हवा दे रहे थे। जिस पर तत्कालीन एसडीएम चंद्र सिंह इमलाल ने 42 बीघा सरकारी भूमि के पट्टों को खारिज करने की संस्तुति की थी।
जिस पर कार्रवाई करते हुए डीएम पांडे ने हरकौर, नवदीप सिंह, विमलजीत की 30 बीघा पट्टे जमीन के खारिज कर दिए। फिलहाल मौके पर पहुंची एसडीएम सिंह, प्रशिक्षु पीसीएस विश्वकर्मा ने पाया कि भूखंड बंजर था। वहां पर एक जगह पर दीवारें खड़ी कर निर्माण किया गया था।
कुछ जगहों पर चौहद्दी की गयी थी। एसडीएम सिंह के निर्देश पर राजस्व कर्मियों ने चारों ओर लाल झंडी लगायी और जेसीबी से निर्माण को ढहा दिया गया। वहां पटवारी मोइद्दीन, नरेंद्र गहतोड़ी, सुरेश लोहनी आदि थे।
अमाऊं गांव में चार पुलियों के निर्माण का विवाद उमरुखुर्द प्राइमरी स्कूल के पास बनी बड़ी पुलिया से शुरू हुआ था लेकिन बृहस्पतिवार को राजस्व विभाग की टीम जब निरस्त पट्टों की भूमि का कब्जा लेने मौके पर पहुंची तो पहली छोटी पुलिया के पास के तीस बीघा जमीन का कब्जा लिया गया।
अन्य भूखंडों के सवाल पर एसडीएम ने कहा कि अभी 42 बीघा में से 30 बीघा भूमि के पट्टे निरस्त किए गए हैं। अभी 12 पट्टों का मामला डीएम के पास लंबित है।
खकरा नाले के किनारे अन्य पट्टे वाले भूखंड की भी जांच जारी है। रिपोर्ट आने पर उनको निरस्त करने की भी संस्तुति की जाएगी। एसडीएम सिंह ने कहा कि जो जमीन कब्जे में ली गयी है। उसे सरकारी विभाग को विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा।