एसडीएम ऋचा सिंह को एक युवक दो सप्ताह से स्वयं को डीएम का रिश्तेदार बताकर रौब झाड़ रहा था। जिसकी बृहस्पतिवार को पोल खुल गयी। युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर शांति भंग में निरुद्घ कर दिया है।
एसडीएम के पास दो सप्ताह पूर्व बिगराबाग निवासी भुवन भट्ट आया और स्वयं को डीएम डॉ. पंकज पांडेय का रिश्ते का दामाद बताया और कहा कि वह एक मैनपावर सप्लाई करने की फर्म चलाता है। उसने एसडीएम से किसी कारखाने में फोन कर उसके आदमी रखवाने की सिफारिश करने को कहा। इसके बाद यह युवक एसडीएम से फोन पर भी बात करता रहा। बृहस्पतिवार को कोर्ट में किसी काम से आए ऋषिकेश के एसडीएम संतोष कुमार पांडे एसडीएम ऋचा सिंह से मिले तो उन्होंने बताया कि डीएम साहब का कोई रिश्ते का दामाद यहां रहता है। एसडीएम पांडे ने कहा कि इस तरह की कोई रिश्तेेदारी उनकी यहां नहीं है। शक होने पर एसडीएम ने डीएम को फोन पर जानकारी दी । डीएम से मिले निर्देश के अनुसार एसडीएम ने तत्काल युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। एसडीएम ने बताया कि युवक को अनर्गल बातें करने के आरोप में शंतिभंग में निरुद्घ कर लिया गया है। एसडीएम सिंह से कुछ समय पूर्व ही एक युवक ने स्वयं को प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी का निजी सचिव बताकर पदेन स्थान पर बने रहने के लिए फोन पर 60 हजार की रंगदारी मांगी थी। जिसमें पूर्व में भी इस तरह की वारदात में शामिल रहे जोगेंद्र कोली को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।