रुद्रपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन चल रहे जिला अस्पताल में डायलिसिस के मरीज सीढि़यां चढ़ रहे हैं और व्यवस्थाएं हांफ रही हैं। चिकित्सालय में लिफ्ट स्थापित करने का काम पिछले छह माह बाद भी पूरा नहीं हुआ है। जिससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल की पहली मंजिल पर एचएचडीयू, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट हैं। जबकि दूसरी मंजिल पर एनआरसी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं चल रही हैं। जहां पर रोजाना गंभीर और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को लाया जाता है। लिफ्ट न होने की स्थिति में मरीजों को मजबूरन सीढ़ियों या रैंप के जरिए ऊपर-नीचे जाना पड़ रहा है। जिससे दुर्घटना और स्वास्थ्य जोखिम की आशंका बनी रहती है। अस्पताल आने वाले तीमारदारों का कहना है कि स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के साथ सीढ़ियां चढ़ना कठिन है। खासकर बुजुर्ग, गर्भवतियों और डायलिसिस जैसे नियमित उपचार लेने वाले मरीजों के लिए यह स्थिति और भी दिक्कत भरी है। पिछले कई महीनों से लिफ्ट जल्द चालू होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम पूरा नहीं दिख रहा। इससे प्रशासनिक दावों और वास्तविक स्थिति के बीच अंतर साफ नजर आ रहा है।स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से जिला अस्पताल बड़ी आबादी के लिए प्रमुख केंद्र है।
वर्जन
लिफ्ट से संबंधित तकनीकी और आपूर्ति संबंधी औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। शेष कार्य अंतिम चरण में है और एक सप्ताह के भीतर लिफ्ट चालू कराने का लक्ष्य है। मरीजों की सुविधा हमारी प्राथमिकता है, कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ
वर्जन-
लिफ्ट स्थापना का कार्य प्रगति पर है। कुछ तकनीकी अनुमोदन और फिटिंग से जुड़े चरणों में समय लगा है। हम विभागीय समन्वय के साथ इसे जल्द पूरा कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके। - डॉ. जीएस तितियाल, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज