रुद्रपुर। जिले में फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के दुरुपयोग को रोकने के लिए जीएसटी विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग अब आधुनिक डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल इनपुट के जरिए उन फर्मों की पहचान कर रहा है जिनके लेनदेन संदिग्ध या असामान्य पाए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती चरण में केवल रिस्क प्रोफाइलिंग और दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद वैध कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। जहां आवश्यक होगा, वहीं नोटिस या निरीक्षण जैसी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि समय रहते निगरानी से राजस्व संरक्षण के साथ कर प्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। सत्यापन पूरी तरह कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होगा और करदाताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। नियमित रिटर्न फाइलिंग, सही बिलिंग और रिकॉर्ड अपडेट रखने से कारोबारी किसी भी जांच में आसानी से अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। फिलहाल सूचीबद्ध फर्मों की संख्या या नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, पर निगरानी प्रक्रिया निरंतर जारी है।
वर्जन
जिले में जीएसटी लेनदेन की नियमित निगरानी की जा रही है। डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से उन मामलों की पहचान की जा रही है जहां बिलिंग पैटर्न असामान्य है। यह केवल प्रारंभिक रिस्क प्रोफाइलिंग है। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि पारदर्शी और ईमानदार व्यापारियों को कोई असुविधा न हो। - विनय प्रकाश ओझा, उपायुक्त (राज्य कर)