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प्रोफेसरों के तबादलों को लेकर बवाल, दो घंटे बंद रहा कॉलेज

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रुद्रपुर कॉलेज गेट पर धरना देते छात्र। - फोटो : RUDRAPUR
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एसबीएस पीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष और एक सहायक प्रोफेसर के निलंबन की मांग पर बवाल हो गया। आक्रोशित छात्रों ने दोनों के निलंबन की मांग उठाकर कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और अन्य कर्मचारियों को करीब दो घंटे तक कॉलेज गेट से सटे हाईवे पर खड़ा रहना पड़ा। हाइवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सुरक्षा के मद्देनजर कॉलेज गेट पर पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। बाद में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित होने के बाद छात्रों ने कॉलेज का गेट खोला।
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कॉलेज में बृहस्पतिवार सुबह सुुधार परीक्षा शुरू होने के बाद छात्रों ने मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष और एक सहायक प्रोफेसर पर प्रवेश में मनमानी करने और प्राचार्य डॉ. केके पांडेय तथा परीक्षा प्रभारी डॉ. पीएन तिवारी के साथ अभद्रता का आरोप लगाया। आरोप है कि समाजशास्त्र में 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वालों के बजाय 52 प्रतिशत वालों को प्रवेश दिया गया है। तालाबंदी के कारण कॉलेज गेट से सटे एनएच-87 पर लंबा जाम लग गया। कॉलेज में घुसने का प्रयास कर रहे कुछ प्रोफेसरों को छात्रों ने गेट पर रोक दिया। हंगामे की सूचना पर कोतवाल एनएन पंत ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।
उन्होंने प्राचार्य डॉ. पांडेय को ज्ञापन सौंपकर विभागाध्यक्ष और सहायक प्रोफेसर के निलंबन की मांग की। तीन सदस्यीय जांच कमेटी के गठन का आश्वासन मिलने पर दोपहर 12 बजे कॉलेज का गेट खोला गया। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहां पर रचित सिंह, राहुल गुप्ता, जावेद अख्तर, राघव सिंह, विपिन पांडेय, साकेत चौहान, सौरभ राठौर, आकाश सरकार, सचिन राजपूत थे।
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विद्यार्थी राष्ट्रीय धरोहर हैं तो पुलिस अभिभावक
रुद्रपुर। तालाबंदी की सूचना पर कोतवाल एनएन पंत और अन्य पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे तो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गोपाल पटेल ने कोतवाल से उलझने का प्रयास करते हुआ कि यह छात्र आंदोलन हैं। यहां पर पुलिस को किसने बुलाया। गोपाल ने कुछ प्रोफेसरों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जिसने भी पुलिस को सूचना दी उनका भी विरोध किया जाएगा।
इस पर कोतवाल ने समझाते हुए कहा कि वह शहर के कोतवाल हैं। इसलिए हंगामे की सूचना पर मौके पर पहुंचने के लिए उन्हें किसी की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। कोतवाल ने कहा कि विद्यार्थी देश की धरोहर हैं और ऐसे मौकों पर छात्र-छात्राओं को समझाने के लिए पुलिस हमेशा अभिभावक की भूमिका में रहती है। इसके बाद मामला शांत हो गया। (ब्यूरो)

रुद्रपुर में कॉलेज गेट पर धरने पर बैठे छात्रों को समझाते प्राचार्य व कोतवाल।- फोटो : RUDRAPUR

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