फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं क्रय केंद्र में लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर भाकियू मुखर

विज्ञापन
नानकमत्ता में वरिष्ठ विपणन अधिकारी को ज्ञापन देते किसान। - फोटो : SITARGANJ
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गेहूं खरीद केंद्र में गेहूं की पैदावार मात्र 30 क्विंटल प्रति हेक्टेअर दिखाने पर नाराजगी जताई है। किसानों ने सीएम को भेजे ज्ञापन में गेहूं की बिक्री प्रति हेक्टेअर 50 से 60 क्विंटल करने की मांग की है।
विज्ञापन

एसडीएम निर्मला बिष्ट के माध्यम से सीएम तीरथ सिंह रावत को भेजे ज्ञापन में गेहूं खरीद में खसरे की बाध्यता समाप्त करने, स्टांप पेपरों पर क्रय की गई भूमि की पैदावार गेहूं खरीदने की अनुमति, चौबीस घंटों में खरीदे गए गेहूं का भुगतान करने, प्रत्येक केंद्र में प्रतिदिन 700 क्विंटल खरीद निर्धारित करने की मांग की। ज्ञापन में आग की घटनाओं में बरबाद फसल के मुआवजे की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में ब्लॉक अध्यक्ष गुरसेवक सिंह, सतनाम सिंह, जसविन्दर सिंह पप्पू, गुरुप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, बलदेव सिंह, सुखदेव सिंह, रणधीर सिंह, त्रिलोक सिंह आदि थे।
इधर, नानकमत्ता में अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष त्रिलोचन सिंह के नेतृत्व में किसान कृषि मंडी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने विपणन अधिकारी विनय चौधरी के जरिये मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन भेजा। किसानों ने कहा कि ढाई हेक्टेयर कृषि भूमि में 60 से 65 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता है। लिहाजा इस बार के 30 क्विंटल खरीद के आदेश को वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की पूरी उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं तुली तो कृषि अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में लोहार सिंह राणा, खड़क सिंह राणा, हरेंद्र सिंह, जगमीत सिंह, लाभ सिंह, निर्मल सिंह ,बंता सिंह ,जीवन सिंह आदि थे। (संवाद)

खटीमा में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भाकियू पदाधिकारी एवं किसान।- फोटो : KHATIMA

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें