फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udham Singh Nagar News: यूजीसी के नए नियमों को देश में लागू करने की मांग

Sat, 31 Jan 2026 01:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
काशीपुर। छात्र-छात्राओं ने सरकार से यूजीसी के नए नियमों को देश में तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है। बाबा साहब आंबेडकर छात्र संगठन के बैनर तले छात्र-छात्राओं ने प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि विवि अनुदान आयोग (यूजीसी) विनियम 2026 लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में ईडब्ल्यूएस, धर्म, नस्ल, जाति, लिंग, जन्मस्थान, दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव का निराकरण हो सकेगा। इसमें यूजीसी ने सरकारी कॉलेज और निजी विवि में समता समिति बनाने के नए नियम का प्रावधान किया है। इसका छात्र-छात्राएं और संगठन पूर्ण समर्थन करता है।
उन्होंने कहा कि भेदभाव मानसिकता वाले कुछ लोग इसका विरोध कर सामाजिक तनाव उत्पन्न कर रहे हैं। इसका हम विरोध करते हैं। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को तत्काल प्रभाव में लाना चाहिए ताकि भेदभाव की घटनाओं पर अंकुश लग सके।
विज्ञापन

वहां पर आदित्य गौतम, मीनाक्षी, विपिन जाटव, योगेंद्र कुमार, अमन सागर, विवेक आदि मौजूद रहे। संवाद

फोटो: 30केएसपी 04पी.....काशीपुर में प्रभारी प्राचार्य को ज्ञापन सौंपते छात्र। स्रोत : छात्र

यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, लोकतंत्र की जीत
पंतनगर। उत्तराखंड कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. गणेश उपाध्याय ने यूजीसी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया है। कहा कि यह फैसला संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और देश की शिक्षा प्रणाली की रक्षा की दिशा में मील का पत्थर है।
डाॅ. उपाध्याय ने कहा कि मामले में न्यायालय का हस्तक्षेप इस बात का स्पष्ट संकेत है कि किसी भी सरकार को संविधान की सीमाओं के भीतर रहकर ही निर्णय लेने होंगे। कहा कि यूजीसी को लेकर आया सर्वोच्च न्यायालय का आदेश इस बात की पुष्टि करता है कि संविधान से ऊपर कोई सत्ता नहीं है और संस्थागत संतुलन बनाए रखना अनिवार्य है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध नहीं बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है। संविधान की रक्षा के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में जिम्मेदार और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें