खटीमा। शिक्षा विभाग में त्रिस्तरीय शिक्षक व्यवस्था (पीआरटी, टीजीटी व पीजीटी) लागू न करने की मांग को लेकर शनिवार को उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन ज्ञापन भेजा।
खटीमा तहसील में ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षकों ने कहा कि यह व्यवस्था को लागू करने से बेसिक शिक्षक-शिक्षिकाओं में रोष व्याप्त है। इससे सहायक अध्यापकों के प्राथमिक के तीन पदोन्नति के अवसर समाप्त हो जाएंगे।
उनके पास पूरे सेवाकाल में प्रधानाध्यापक प्राथमिक पद पर पदोन्नति का एक मात्र विकल्प रह जाएगा, जबकि वर्तमान में प्रधानाध्यापक प्राथमिक व सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक के विकल्प के साथ ही अगली पदोन्नति प्रधानाध्यापक उच्च प्राथमिक का अवसर भी मिलता है।
प्रधानाध्यापक प्राथमिक के पद पर पदोन्नति के बाद प्राथमिक शिक्षक-शिक्षिकाओं की पदोन्नति के समस्त अवसर समाप्त हो जाएंगे।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों के माध्यमिक विद्यालयों में विलीनीकरण से शिक्षा का अधिकार में निहित प्रावधान 11-14 आयु वर्ग के बच्चों को तीन किलोमीटर की दूरी पर विद्यालय स्थापित कर अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के नियमों का उल्लंघन होगा, जिससे बालक-बालिकाओं के ड्रॉप आउट रेट में भारी वृद्धि होगी ।
6-उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलीनीकरण से प्रदेश में लगभग 20 हजार बेसिक शिक्षक-शिक्षिकाओं के पद मृत संवर्ग घोषित हो जाएंगे। वहां पर कमान धामी, जितेंद्र यादव, छविराज कफलिया, दिनेश बगोटी, हरीश भट्ट, महेश रौतेला, गौरी शंकर जोशी, नवीन पोखरिया आदि थे।