किसान आंदोलन में भाग लेने जसपुर से दिल्ली रवाना होते भाकियू के कार्यकर्ता।
- फोटो : KASHIPUR
जसपुर। पतरामपुर क्षेत्र के गांवों को राजस्व ग्राम घोषित कराने की मांग गाजीपुर बार्डर पर भाकियू की पंचायत में भी उठाई जाएगी। पंचायत में भाग लेने के लिए जसपुर से किसान प्रतिनिधि गाजीपुर बार्डर पर पहुंच चुके हैं।
भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता 12 किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के
लिए रवाना हुए। किसानों के लिए जसपुर से गन्ने का रस ले जाया गया। उत्तराखंड बॉर्डर पार कर इन किसानों ने अपनी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की। भाकियू जिलाध्यक्ष सहोता ने कहा कि जिला ऊधमसिंह नगर में सात जलाशय हैं।
इनके अडूब क्षेत्र में किसान खेती करते हैं। इसके बावजूद राजस्व अभिलेखों में इन गांवों की भूमि किसानों के नाम नहीं आ सकी है। पतरामपुर के सीपका व तीरथनगर गांव भी अभी तक राजस्व गांव घोषित नहीं हो सके हैं। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मुद्दे को गाजीपुर बार्डर पर होने वाली भाकियू की राष्ट्रीय पंचायत में रखा जाएगा।
सहोता ने कहा कि चार जनवरी को किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता विफल रही तो जसपुर से एक हजार से अधिक किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। सहोता के साथ जाने वालों में ग्राम गोविंदपुर, कलियांवाला, हरियावाला के किसान जगदीश सिंह, परमजीत सिंह पम्मा, धर्म सिंह, बृजेश सिंह, दुर्गेश शर्मा, जसकीरत सिंह, ललित सिंह, हरदयाल सिंह आदि हैं।