काशीपुर बाईपास रोड को चौड़ा करने के लिए इसके किनारे स्थित प्रतिष्ठानों को हटाने के नोटिस जारी होने से खफा व्यापारियों ने शनिवार को डीएम से मुलाकात की। उन्होंने उजाड़ने से पहले दूसरी जगह बसाने की मांग की। डीएम ने व्यापारियों को रोजी-रोटी प्रभावित नहीं होने देने का आश्वासन दिया।
विधायक राजकुमार ठुकराल और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा की अगुवाई में कलक्ट्रेट पहुंचे व्यापारियों ने डीएम रंजना राजगुरु को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि सड़क दोनों तरफ 150 फीट चौड़ी होनी है। डिवाइडर के दोनों तरफ स्थायी रूप से कारोबार कर रहे व्यापारियों को नगर निगम अवैध कब्जेदार मानता है। इसी सड़क पर निगम ने दुकानों का निर्माण किया है।
ये दुकानें भी टूटेंगी। 50 से अधिक व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों की रिजस्ट्री और दाखिल खारिज कराई हुई है। कुछ व्यापारियों ने नजूल नीति के तहत 25 फीसदी शुल्क जमा कर रखा है। सभी व्यापारी गृहकर, किराया और तहबाजारी का भुगतान कर रहे हैं। अगर ये सभी अनाधिकृत हैं तो प्रतिष्ठानों को फ्री होल्ड और दाखिल खारिज क्यों किया गया।
विधायक ठुकराल ने कहा कि निगम की ओर से सात दिनों में अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को दूसरी जगह बसाने के बाद अतिक्रमण हटाया जाए। ऐसा नहीं होने पर वह अतिक्रमण हटाने का विरोध करेंगे। डीएम ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाया जाना है। इस संबंध में तहसील और जिला स्तर पर कमेटी बनाई गई है। जिन व्यापारियों के पास कागजात हैं वे कमेटी के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
वेंडिंग जोन के लिए जगह तय की जा रही है। पूरा प्रयास रहेगा कि व्यापारियों की रोजी रोटी पर किसी तरह का संकट न आए। वहां व्यापार मंडल महामंत्री हरीश अरोरा, रमेश डुडेजा, अमन भुसरी, संजू मुटनेजा, अजीतपाल सिंह, लखविंदर बेदी, विवेक शर्मा, रशपाल सिंह, अजय गोयल, इंदरजीत सिंह, मोनी जल्होत्रा आदि थे।
आवेश में बोले विधायक, फाड़ देना नोटिस
रुद्रपुर। डीएम से वार्ता के दौरान व्यापारियों ने कहा कि सात दिनों में अतिक्रमण हटाने के नोटिस से व्यापारियों में डर का माहौल है। सभी को रोजी रोटी की चिंता सता रही है। इस पर विधायक ने कहा कि यदि नोटिस आए तो फाड़ देना। किसी व्यापारी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। इस पर डीएम ने कहा कि नोटिस फाड़ना कानूनी रूप से गलत है। धैर्यपूर्वक समस्या का हल निकाला जाएगा। कोर्ट के आदेश का अनुपालन जरूरी है। (ब्यूरो)