काशीपुर में सिंचाई विभाग कार्यालय पर वार्ता करते ठेकेदार।
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काशीपुर। सिंचाई विभाग में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था में संशोधन किए जाने और रुके हुए 15 करोड़ के भुगतान की मांग को लेकर ठेकेदारों ने सीई (मुख्य अभियंता कुमाऊं) और एसई (अधीक्षण अभियंता) से वार्ता की।
सीई एनएस पतियाल और एसई पीके दीक्षित बृहस्पतिवार को तुमड़िया डैम का निरीक्षण करने आए थे। सिंचाई विभाग कार्यालय में काशीपुर और जसपुर के ठेकेदारों ने बताया कि एआईबीपी, नाबार्ड और एआर की मदों में हमारी ओर से किए निर्माण कार्यों का करीब 15 करोड़ का भुगतान पांच वर्षों से लंबित है। आरोप लगाया कि तत्कालीन ईई ने स्वीकृत राशि से कई गुना अधिक काम करा दिए। इससे इन कार्यों का भुगतान लटका है। ठेकेदारों ने कहा कि विभाग में बड़े कामों का ठेका कंपनियों को ई-टेंडरिंग के माध्यम से दिया जा रहा है। इससे स्थानीय ठेकेदारों को काम नही मिल पा रहा है। सीई ने भुगतान के संबंध में ईई पुरुषोत्तम से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित एजेंसियों से पत्राचार किया जाएगा। ई-टेंडरिंग के बारे में पतियाल का कहना था कि शासनादेश की प्रक्रिया में यदि कोई बदलाव होता है तो उसी के अनुरूप ठेका व्यवस्था की जाएगी। वहां पर अशोक शर्मा, प्रदीप जोशी, धीरेंद्र प्रताप सिंह, उमेश पांडे, मोहन तिवारी, मो. हनीफ, आलमगीर, महबूब, राजीव आदि थे।