बाजपुर। गांव कनौरा स्थित मदरसा गुलशन ए इस्लाम में कॉन्फ्रेंस और दस्तार बंदी का आयोजन किया गया। इस दौरान उलेमाओं ने कहा कि समाज के बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ साथ दुनियाबी शिक्षा हासिल करने का आह्वान किया।
बृहस्पतिवार देर रात हुए कार्यक्रम में उलेमाओं ने तकरीर और नाते पढ़ी। बरेली शरीफ से आए हजरत सगीर अहमद ने कुरआन का पाठ पढ़ाया। कहा कि कुरआन अमन और शांति का संदेश पैगाम देता है। जो लोग कुरआन की नहीं मानते वह दुनिया और आखिरत में जलील और रुसवा हो जाएगा।
जो लोग मदरसे के बच्चों को अपने घरों पर खाना खिलाते हैं। अल्लाह उनके घरों को जन्नत बना देता है। इस दौरान इस साल मदरसे से आठ आलिम और दो हाफिजों की दस्तार बंदी की गई।
इसमें मो. नकी, मो. सुलेमान, मो. अतीक, मो. जुबैर, मो. नावेद, मो. अब्दुल्लाह, मो. रफी, मो. अब्दुल हसन, मो. अरशद, मो. समी शामिल हैं। वहां मदरसे के प्रबंधक मौलाना शाकिर, प्रिंसिपल मौलाना मो. अफरोज, मौलाना मो. सज्जाद, कारी रजा उल हसन, मो. ताहिर कादरी, कारी दिलशाद, मौलाना शाकिर, हाजी रईस अहमद, डॉ. शमशाद, सलीम पधान, अफसर अली, नाजिर भाई आदि थे।
हजरत नजीबुल्ला शाह उर्फ नज्जु मियां का उर्स आठ से
खटीमा। हजरत नजीबुल्ला शाह उर्फ नज्जु मियां का उर्स आठ अप्रैल से शुरू होगा। सीमांत क्षेत्र सुरई जंगल में स्थित हजरत नजीबुल्ला शाह उर्फ नज्जु बयावानी मियां की मजार पर हर वर्ष लगने वाले मेले की तैयारी कमेटी ने शुरू कर दी है। मजार पर श्रद्धालु चादरपोशी कर मन्नतें मांगते है।
दुकानदारों ने मेले की तैयारी करते हुए दुकानें सजाने लगे हैं। मजार कमेटी के नसीन मोहम्मद, शमशेर मियां ने बताया कि उर्स का शुुभारंभ 8 अप्रैल से शुरू होगा। इसमें बाहर से आए कव्वाल अपनी प्रस्तुति देंगे। नौ अप्रैल को कूल शरीफ होगा।