काशीपुर। राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाजेवाला के जर्जर भवन ने अब बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छत और दीवार से लगातार प्लास्टर गिरने तथा बारिश में पानी टपकने के कारण स्कूल में शिक्षण कार्य बंद कर दिया गया है। अब 21 बच्चों की कक्षाएं पंचायत भवन में लगाई जा रही हैं।
करीब चार दशक पहले स्थापित विद्यालय में दो कक्ष हैं। वर्तमान में यहां 21 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रधानाध्यापक राजीव शर्मा और शिक्षक आनंद सिंह बिष्ट बच्चों को पढ़ाते हैं। देखरेख के अभाव में विद्यालय भवन के साथ रसोईघर की स्थिति भी खराब हो गई है। कक्षों की छत का प्लास्टर उखड़ने से सरिया बाहर निकल आई हैं जबकि फर्श भी जगह-जगह से उखड़ चुका है। दीवारों का प्लास्टर गिर रहा है और बारिश में छत से पानी टपकता है।
बारिश के दौरान पुस्तकों और अन्य शिक्षण सामग्री को नुकसान से बचाने के लिए किताबें दीवार पर लटकानी पड़ती हैं। कंप्यूटर, एलईडी और अन्य उपकरणों को ढककर रखा गया है। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए बुधवार से जर्जर भवन में शिक्षण कार्य बंद कर दिया गया। इसके बाद पंचायत भवन में कक्षाएं शुरू की गई हैं। ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन की ओर से भवन निर्माण और मरम्मत के लिए लगातार प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
पढ़ाई के बीच गिरा प्लास्टर, जहरीले कीड़ों का भी खतरा
छात्रों के अनुसार स्कूल की छत और दीवार से आए दिन प्लास्टर गिरता रहता है। बारिश के दौरान कमरों में पानी टपकता है और जहरीले कीड़े भी आ जाते हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले खाना खाते समय छत से प्लास्टर का हिस्सा गिर गया था। गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। छात्रों ने यह भी बताया कि पिछले साल बिजली कर्मियों ने स्कूल परिसर में बिजली का खंभा लगा दिया था। इससे पहले खंभा विद्यालय भवन के बाहर था।
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बीईओ कार्यालय में 24 जुलाई को विद्यालय मरम्मत का प्रस्ताव दिया है। हाल में छत से प्लास्टर गिर गया था। दुर्घटना होने से बाल-बाल बची है। बुधवार से जर्जर भवन में शिक्षण कार्य बंद कर दिया है। पंचायत भवन में कक्षाएं लगाई जा रही हैं। पिछले साल 19 बच्चे थे। तीन नए प्रवेश किए हैं। - राजीव शर्मा, प्रधानाध्यापक, जीपीएस बाजेवाला
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय बाजेवाला की स्थिति खराब है। ग्राम प्रधान से बात करके पंचायत भवन में बच्चों को बैठाया जा रहा है। शीघ्र ही मरम्मत का प्रस्ताव जिले को भेजा जाएगा। - धीरेंद्र कुमार साहू, खंड शिक्षाधिकारी, काशीपुर