कच्चे घर में आग लग गई। इससे घर में रखा सभी सामान जलकर नष्ट हो गया। वहीं, घर में सो रहे परिवार के मुखिया की जलकर मौत हो गई, जबकि पत्नी, उसके तीन बच्चे बुरी तरह झुलस गए। घर में आग की चपेट में आए घरेलू गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। इससे घर के परखचे उड़ गए। आगजनी में गंभीर रूप से झुलसे परिवार को आसपास के लोगों ने निजी वाहन से सीएचसी में दाखिल कराया। डॉक्टर ने गंभीरावस्था में चारों को हल्द्वानी एसटीएच रेफर कर दिया। वहां तीनों की हालत नाजुक है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसडीएम ने घटनास्थल का मुआयना कर घटना की रिपोर्ट डीएम को भेजी।
शनिवार रात करीब दो बजे बरुआबाग गांव में विश्वनाथ (43) पुत्र मीरापद का कच्चा घर धू-धूकर जल उठा और उसमें सोये विश्वनाथ, उसकी पत्नी पूनम (38), बेटी रिंपी (17), बेटा राहुल (15), सबसे छोटी बेटी सपना (12) बुरी तरह झुलस गए। आग से घिरे परिवार के चारों लोग जलते हुए बाहर निकल आए लेकिन, विश्वनाथ की मौके पर ही मौत हो गई। चीख-पुकार की आवाज सुनकर पड़ोसी जागे तो वह घटनास्थल पर दौड़ पड़े। उन्होंने चारों लोगों के शरीर पर आग से जल रहे कपड़ों को बुझाया। तब तक चारों बुरी तरह झुलस चुके थे। ग्रामीणों ने पुलिस, आपातकालीन 108 एंबुलेंस सेवा, फायर ब्रिगेड को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद सिडकुल चौकी पुलिस तो मौके पर पहुंच गई लेकिन, एंबुलेंस नहीं आई। वहीं, करीब डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। इसी बीच घर में रखे घरेलू गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली और आवाज के साथ सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया।
इससे कच्चे घर की टीनशेड फटने के साथ ही परखचे उड़ गए। पुलिस ने आसपास के लोगों की मदद से चारों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां से डॉक्टर ने चारों को हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां चारों की हालत नाजुक बनी है। घटनास्थल पर देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों के साथ घर में जल रहे दो पेट्रोमैक्स को बुझाते हुए आग पर काबू पाया। आग से घर में रखा सब कुछ तबाह हो चुका था। रविवार को एसडीएम विनोद कुमार ने राजस्व कर्मियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया और डीएम डॉ. नीरज खैरवाल को मामले की रिपोर्ट भेजी।
एसडीएम कुमार ने बताया कि आगजनी की घटना में जनहानि समेत बाइक, साइकिल, बर्तन, टीवी, फ्रिज, तीन छोटे-बड़े बक्से, चारपाई, पंखा आदि घरेलू सामान जल गया। आग से करीब ढाई लाख रुपये का सामान जला है। पीड़ित परिवार को तहसील स्तर से तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में 38 सौ रुपये दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी। प्रशासन ने आर्थिक सहायता के रूप में मात्र 38 सौ रुपये की आर्थिक सहायता दी और डीएम, मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया जबकि, गंभीर रूप से घायल परिवार के इलाज के लिए प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की।