काशीपुर का मां बाल सुंदरी देवी मंदिर।
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काशीपुर। उत्तर भारत में लगने वाले बड़े मेलों में भगवती मां बाल सुंदरी देवी का चैत्र माह में लगने वाला चैती मेला भी एक है। इस बार यह मेला दो अप्रैल से लगेगा। यह मेला तकरीबन एक महीने तक चलेगा। प्रशासन मेला लगाने की तैयारी में जुट गया है। मेले की तैयारी के लिए एसडीएम की मौजूदगी में 14 फरवरी को बैठक आयोजित की जाएगी।
ऐतिहासिक चैती मेले का धार्मिक और व्यापारिक महत्व है। इस मेले में प्रतिदिन करोड़ों का व्यापार होता है। विभिन्न राज्य सहित दिल्ली तक से दुकानें आती हैं। अन्य राज्यों के छोटे-बडे़ दुकानदारों के मेले में आने का इंतजार रहता है। इसके अलावा बड़े झूले व खेल तमाशा लगते हैं। मेले के दौरान भगवती मां बाल सुंदरी देवी चैती मंदिर में एक सप्ताह तक सार्वजनिक दर्शन देने के लिए विराजमान रहती हैं।
प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में मत्था टेकने आते हैं। यहां लगने वाला नक्खाशा बाजार भी घोड़ों के खरीदारों में खासा प्रसिद्ध है। वहीं भगवती बाल सुंदरी बुक्सा जनजाति की कुलदेवी हैं। इसके अलावा मंदिर में यूपी के बिजनौर व पीलीभीत के एक समुदाय के लोग भी देवी को कुलदेवी मानते हैं। एक साल बिजनौर तो दूसरे साल पीलीभीत से लोग देवी दर्शन और पूजन को आते हैं।
कोरोना काल में लगातार दो साल तक मेला नहीं लगा। इस साल मेला काफी बड़ा लगने की संभावना है। मेले की तैयारी 15-20 दिन पहले से शुरू हो जाती है। पहले मेले का आयोजन पंडा परिवार करता था लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते मामला हाईकोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट का निर्णय आने तक प्रशासन ने मेले का आयोजन अपने हाथ में लिया है। मेला लगने से पहले मेले के मैदान की सफाई, शौचालयों का निर्माण, पेयजल, बिजली की व्यवस्था, दुकानें लगाने के लिए स्थान निर्धारित करने, विभिन्न कार्यों की व्यवस्था के लिए टेंडर निकाले जाते हैं। एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन पूर्व की भांति मेला लगाएगा। सोमवार को मेला लगाने के संबंध में बैठक होगी।
उधर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मेला दो अप्रैल से शुरू होगा जो लगभग एक महीने तक चलेगा। वहीं सहायक प्रधान पंडा मनोज अग्निहोत्री ने बताया कि देवी का डोला नगर मंदिर से अष्टमी की अर्द्धरात्रि आठ अप्रैल को चैती मंदिर जाएगा।