स्वास्थ्य विभाग में फर्जी टीए बिल के नाम पर किए गए 83 लाख रुपये के घोटाले में आरोपी बनाए गए काला टूर एंड ट्रैवल्स संचालक सुशील उनियाल से एसआईटी ने बुधवार को चार घंटे में करीब 90 सवाल पूछे। सुशील से गहन पूछताछ के बाद एसआईटी के हाथ कुछ और महत्वपूर्ण सुराग लगे है जिनके आधार पर एसआईटी जल्द ही कुछ और लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। फिलहाल सुशील ने अपनी गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे लिया है।
वर्ष 2013-14 में प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों आदि के लिए शासन स्तर से अधिकारियों ने प्रदेश में भ्रमण किया। इसके लिए देहरादून धरमपुर रोड स्थित काला टूर एंड ट्रैवल्स की टैक्सियों का इस्तेमाल हुआ। टूर के बाद 83 लाख के बिलों का सत्यापन शासन स्तर से करने के बाद सीएमओ कार्यालय रुद्रपुर से बिलों का भुगतान हुआ।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में टूर एजेंसी द्वारा विभाग के लिए किसी भी प्रकार टैक्सियों की आपूर्ति न किए जाने का खुलासा होने पर एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने देहरादून स्थित अकाउंटेंट जनरल कार्यालय में भेजे गये बिलों की मूल प्रतियों की जांच की तो एसआईटी को टूर एजेंसी द्वारा फर्जी भुगतान लेने और सीएमओ कार्यालय द्वारा दूसरी मदों से फर्जी बिलों का भुगतान करने के साक्ष्य मिले जिसके आधार पर एसआईटी ने एजेंसी संचालक सुशील उनियाल निवासी पंडित वाडी थाना कैंट देहरादून से बुधवार को रुद्रपुर कार्यालय में चार घंटे की पूछताछ कर उसके बयान दर्ज किए।
अपने वकील के साथ पहुंचे सुशील को चार घंटे की पूछताछ में करीब 90 सवालों का जवाब एसआईटी का देना पड़ा।
सीएम दफ्तर के कुछ कर्मचारियों के नाम का भी किया खुलासा
एसआईटी की पूछताछ में सुशील उनियाल ने सीएम दफ्तर के कुछ लोगों के नाम का भी खुलासा किया है जिनके साथ वह भ्रमण कार्यक्रम तय करता था। साथ ही सुशील देहरादून की कुछ और और टूर एजेंसियों से भी स्वास्थ्य विभाग को वाहन उपलब्ध कराता था जिसमें कुछ निजी टैक्सी चालक भी थे।
इसके आधार पर एसआईटी जल्द ही अन्य टूर एजेंसी संचालकों के साथ की कार चालकों से भी पूछताछ कर सकती है।
सुशील की पत्नी को भी बनाया आरोपी
एसआईटी ने सुशील की पत्नी ज्योति काला को भी आरोपी बनाया है। एसआईटी के अनुसार सुशील टूर एजेंसी का संचालन करता था जबकि एजेंसी का स्वामित्व पत्नी ज्योती काला के पास था। जल्द ही ज्योति से भी पूछताछ की जाएगी।
सीएमओ सहित तीन के अभियोजन का इंतजार
एसआईटी को घोटाले में नामजद तत्कालीन सीएमओ वीके सिन्हा, लेखाकार विजय कुमार त्रिपाठी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बीके नैनवाल का अभियोजन आदेश मिलने का भी इंतजार है।
पुराने मुकदमों की भी हो सकती है जांच
टीए बिल घोटाले में एसआईटी सुशील कुमार के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में दर्ज मुकदमों की भी जांच पड़ताल कर सकती है एसआईटी जांच में इस सुशील के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में भी फर्जी टीए बिल के मुकदमे दर्ज होने की पुष्टि हुई है।