राजस्थान के जिला भरपुर कोतवाली क्षेत्र में खटीमा के एक व्यक्ति के चिटफंड कंपनी खोलकर करीब 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर फरार होने के आरोप का मामला सामने आया है। राजस्थान पुलिस की टीम मुख्य आरोपी समेत तीन की तलाश में खटीमा पहुंची।
शनिवार देर शाम तक कोई हत्थे नहीं चढ़ा। धोखाधड़ी में नोएडा व गाजियाबाद के भी एक-एक आरोपी के शामिल होने की बात कही गई है।
शनिवार को कोतवाली पहुंची भरतपुर कोतवाली पुलिस के एएसआई हरि दास ने बताया कि क्षेत्र के बानूसी निवासी मुख्य आरोपी जसवंत सिंह ने भरतपुर में केएनएनसी रियल इस्टेट लिमिटेड नाम से चिटफंड कंपनी खोली थी।
अच्छा ब्याज देने का झांसा देकर वर्ष 2013 में खुली कंपनी ने वर्ष 2016 तक करीब 30-35 लोगों का करीब 80 लाख रुपया जमा कराया।
कंपनी में एजेंटों के माध्यम से लोगों का पैसा अलग-अलग पॉलिसी के नाम पर अधिक ब्याज के नाम पर जमा किया गया।बाद में कंपनी बंद कर आरोपी फरार हो गए। आरोप है कि उक्त कंपनी में नोएडा के आशीष कुमार, गाजियाबाद के गौरव रस्तोगी भी शामिल हैं।
कंपनी में पैसा जमा करने वाले अपने एजेंटों से तकादा करने लगे तो वर्ष 2017 में कंपनी के एजेंट भरतपुर निवासी रोहताश सिंह ने कंपनी के जसवंत सिंह, गौरव रस्तोगी, आशीष कुमार, चकरपुर निवासी मान सिंह आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में खटीमा पहुंची। राजस्थान पुलिस टीम के किशन सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी जसवंत के भाई गुुरविंदर की भी तलाश है।