रुद्रपुर के मालगोदाम में श्रमिक के शव का पंचनामा भरती पुलिस
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रेलवे स्टेशन के मालगाड़ी यार्ड में मंगलवार शाम मक्के से लदे ट्रक की चपेट में आने से एक पल्लेदार की मौत हो गई। घटना के समय पल्लेदार मक्के के बोरों की ट्रक में लोडिंग कर पानी पीकर लौट रहा था। जीआरपी, आरपीएफ, रुद्रपुर कोतवाली पुलिस और बिलासपुर पुलिस के बीच सीमा विवाद के कारण करीब साढ़े तीन घंटे तक शव यार्ड में पड़ा रहा। वहीं, पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वहां मौजूद पल्लेदारों ने जमकर हंगामा किया।
शाम करीब चार बजे कुरसैला, बिहार से मक्के से भरी मालगाड़ी रुद्रपुर रेलवे स्टेशन मालगाड़ी यार्ड में पहुंची। मालगाड़ी से मक्के की रैक उतारने के बाद पल्लेदारों ने मक्के के बोरों को ट्रकों में भरना शुरू किया। करीब पांच बजे तक ट्रकों में लदान के बाद टांडा, रामपुर, यूपी निवासी पल्लेदार नरेश (30) पुत्र गोपालराम पानी पीकर दोबारा यार्ड में लौट रहा था। तभी मक्के से भरा ट्रक (यूके05 पीए 0503) नरेश को कुचलता हुआ निकल गया।
इससे वहां हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर पल्लेदारों की भीड़ एकत्रित होती देख चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर रुद्रपुर कोतवाली से पुलिस फोर्स, रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ और जीआरपी थाना इंचार्ज भी मौके पर पहुंचे, लेकिन जीआरपी ने घटनास्थल के रुद्रपुर कोतवाली के सीमा पर आने की बात कहकर कब्जे में नहीं लिया, जबकि रुद्रपुर कोतवाली पुलिस इसे बिलासपुर थाना क्षेत्र का मामला बताते हुए 10 मिनट बाद ही लौट गई। सूचना पर बिलासपुर से इंस्पेक्टर शैलेंद्र पाल सिंह और दरोगा जितेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल को जीआरपी का क्षेत्र बताया। करीब साढ़े तीन घंटे तक सीमा विवाद चलता रहा। इसी दौरान वहां मौजूद पल्लेदारों ने पुलिस और जीआरपी पर पंचनामा न भरने का आरोप लगाया। साथ ही हंगामा करना शुरू कर दिया। आखिर में बिलासपुर पुलिस के इंस्पेक्टर सिंह ने पंचनामा भरवाया। उन्होंने कहा कि ट्रक को कब्जे में ले लिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। माल अधीक्षक पूरन सिंह राणा ने बताया कि मक्के से लदे ट्रक की चपेट में आने से पल्लेदार की मौत हो गई।
हम 20 किमी से पहुंचे और तुम 50 मीटर भी न चल सके
रुद्रपुर। बिलासपुर से पहुंचे पुलिस इंस्पेक्टर शैलेंद्र पाल सिंह ने जीआरपी थानाध्यक्ष दीपक राठी को नसीहत देते हुए कहा कि हम 20 किमी दूर से घटनास्थल पर पहुंचे और तुम अपने थाने से 50 दूरी पर भी नहीं पहुंच सके। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन का दायरा जीआरपी के क्षेत्र में ही आता है। उधर, आरपीएफ के दरोगा आरपी भारद्वाज का कहना था कि जीआरपी का कार्य रेलवे संपत्ति से जुड़ा होता है। इस कारण वह इस मामले में कार्रवाई नहीं कर सकते।