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पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख खोया आपा, किया दोस्त का कत्ल

Fri, 05 Apr 2019 11:53 PM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो
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रुद्रपुर के एसएसपी कार्यालय में पुलिस हिरासत में हत्यारोपी दंपत्ति। - फोटो : amar ujala
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गंगापुर गांव में रहने वाले राणा प्रताप को पत्नी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखकर दोस्त ने आपा खो दिया और इसी गुस्से में उसने राणा प्रताप का बेदर्दी से कत्ल कर दिया। आरोपी इसके बाद राणा प्रताप का शव बोरे में भरकर उसकी ही स्कूटी से 300 मीटर दूर फेंक आया। इधर आरोपी की पत्नी ने छत पर बिखरे खून को साफ किया। पुलिस ने हत्यारोपी के साथ उसकी पत्नी को सबूत मिटाने के आरोप में कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।

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बृहस्पतिवार को ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र में धारदार हथियार से युवक की हत्या करके बोरे में भरकर फेंके गए शव मामले का एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। एसएसपी ने बताया कि मूल रूप से छपरा (बिहार) का रहने वाला अनिल पत्नी रुकमणी के साथ फुलसुंगी में रहता है और अनिल की मृतक राणा प्रताप से दोस्ती थी। इसलिए अनिल का घर पर आना-जाना था। बुधवार शाम अनिल ने घर पर मछली बनी होने की बात कहकर राणा प्रताप को घर खाने पर बुलाया था।

अनिल के घर पहुंचने पर राणा प्रताप ने उससे कोल्डड्रिंक लाने को कहा। अनिल जब कोल्डड्रिंक लेकर आया तो उसने पत्नी को राणा प्रताप के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इससे नाराज अनिल ने राणा प्रताप को छत पर ले जाकर पहले डंडे से उसके सिर पर वार किया फिर छत पर पड़ी ईट से उसके सिर और चेहरे पर कई वार करके उसे मार डाला।
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अनिल ने राणा प्रताप के हाथ पैर बांधे और शव को बोरे में डालकर राणा प्रताप की स्कूटी से घर से 300 मीटर दूर फुलसुंगी श्मशान घाट के पास पहुंचा और शव को स्कूटी समेत झाड़ियों में फेंक कर लौट गया। घटना के खुलासे के लिए एसपी सिटी देवेंद्र पींचा और एसपी क्राइम प्रमोद कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। हत्या के साक्ष्य मिलने के बाद हत्यारोपी अनिल के साथ ही उसकी पत्नी रुकमणी को उनके घर से ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है। 
इनसेट 
खुलासा करने वाली टीम पर ईनामों की बौछार
रुद्रपुर। शव की शिनाख्त होते ही पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा करने में मदद मिल गई। खुलासा करने वाली टीम में सीओ हिमांशु शाह, ट्रांजिट कैंप थाना प्रभारी बीडी जोशी, एसओजी प्रभारी तुषार बोरा, एसआई जितेंद्र सिंह, धर्मेंद्र आर्या, हरविंदर कुमार, एएसआई प्रकाश भगत, कांस्टेबल संतोष रावत, महेंद्र डंगवाल, यामीन, नीरज शुक्ला, उमेश पंत, कुलदीप और नवीन गिरी शामिल थे। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार और एसपी सिटी, एसपी क्राइम ने डेढ़-डेढ़ डेढ़ हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
इनसेट 
पुलिस को गुमराह करने में रहा नाकाम
रुद्रपुर। हत्यारोपी अनिल ने पुलिस को गुमराह करने के लिए सबसे पहले राणाप्रताप के मोबाइल को चालू हालत में खेड़ा स्थित कल्याणी नदी में फेंका ताकि पुलिस को उसकी लोकेशन खेड़ा में मिले। साथ ही खून से सने अपने कपड़ों को भी सिडकुल क्षेत्र में फेंका और डंडे को छत से दूर फेंक दिया। स्कूटी को भी शव के साथ ही फेंक दिया ताकि घटना हादसा लगे। लेकिन पुलिस की जांच में अनिल के मंसूबों पर पानी फिर गया। 
इनसेट 
सीसीटीवी और सर्विलांस से मिली मदद 
रुद्रपुर। राणा प्रताप की हत्या का राज सुलझाने में पुलिस को सीसीटीवी और सर्विलांस से काफी मदद मिली। क्षेत्र में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में पुलिस को मृतक राणा प्रताप घर से निकलने के बाद कुछ दूर एक सीसीटीवी कैमरे में दिखा लेकिन इसके बाद कुछ दूरी पर दक्ष चौराहे के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में राणा प्रताप नहीं दिखा, जिससे पुलिस ने अंदाजा लगाया कि राणा प्रताप अपने घर और दक्ष चौराहे के बीच में ही कहीं गया था और इस बीच में सिर्फ अनिल का ही घर था। जब पुलिस ने अनिल के मोबाइल की सीडीआर निकाली तो राणा प्रताप की आखिरी बार अनिल से ही बात हुई थी। इस पर पुलिस का शक अनिल पर गहरा गया था। 
इनसेट 
पुलिस के साथ घटनास्थल पर भी रहा मौजूद
रुद्रपुर। हत्यारोपी अनिल बेहद शातिर और निडर था। कत्ल के बाद जहां अनिल ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। घटना के दूसरे दिन शव बरामद होने पर भी अनिल घटनास्थल पर मौजूद रहा और यहां पुलिस को अनिल का फोन नंबर देने के साथ ही उसके बारे में अन्य जानकारी दी। घटनास्थल पर राणा प्रताप की तारीफ करते हुए अनिल लोगों से मृतक को सीधा और नेक होने की बात कही थी। रुकमणी भी पुलिस से राणा प्रताप की तारीफ करती रही।
इनसेट 
हत्या के बाद फैक्ट्री में ड्यूटी भी की
रुद्रपुर। करीब सवा सात बजे अनिल ने राणा प्रताप को फोन करके घर बुलाया, 15 मिनट बाद राणा प्रताप अनिल के घर पहुंचा। कुछ देर की बातचीत के बाद करीब आठ बजे अनिल कोल्ड ड्रिंक लेने गया और दस मिनट बाद घर वापस आने पर साढ़े आठ बजे तक उसकी हत्या कर दी। सबसे पहले उसने राणा प्रताप के फोन को ठिकाने लगाया और मृतक के हाथ पैर बांधकर शव नौ बजे फेंक आया। यहां से अनिल घर आया और कपड़े बदलकर साढ़े नौ बजे तक सिडकुल स्थित फैक्ट्री में ड्यूटी के लिए पहुंच गया था। रास्ते में उसने अपने खून से सने कपड़े भी फेंक दिए। वहीं रुकमणी ने छत पर गिरे खून को साफ कर दिया। 
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