सिडकुल क्षेत्र में लगातार हो रही बाइक चोरियों का खुलासा करने में पुलिस को सफलता हाथ लगी है। एसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शक्तिफार्म क्षेत्र के दो बदमाशों को नौ बाइक और एक बाइक के पुर्जे के साथ धर दबोचा। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया।
आरोपी पिछले छह माह से सिडकुल क्षेत्र को निशाना बनाए थे और अभी तक 11 बाइकें चोरी कर चुके थे। खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने 2500 और एसपी देवेंद्र पींचा ने 1500 रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की है।
शनिवार को एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की टीमें गठित की गईं। शनिवार सुबह बमनपुरी तिराहा पर चेकिंग के दौरान बैकुंठपुर नंबर छह शक्तिफार्म निवासी विक्रम विश्वास को चोरी की बाइक के साथ धर दबोचा।
पूछताछ में विक्रम ने बताया कि वह सिडकुल की एक कंपनी में काम करता था। पैसे की तंगी के कारण उसने अपने साथी टैगोरनगर नंबर चार निवासी निताई मंडल के साथ मिलकर बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दिया और छह माह के भीतर अभी तक 11 बाइकें चोरी कर लीं।
बताया कि फ्लीडगार्ड कंपनी गेट से न्यूरिया पीलीभीत निवासी धर्मवीर की बाइक (यूपी26एच-3004), बालाजी एक्शन विल्डवेल कंपनी के पार्किंग स्थल से कल्याणपुर चोरगलिया जिला नैनीताल निवासी ललित पौड़ियाल की बाइक (यूके04-1657), गुरुग्राम शक्तिफार्म निवासी विश्वजीत मंडल पुत्र रंजीत मंडल की बाइक (यूके06एस-1678), बरा मझलिया थाना अमरिया जिला पीलीभीत निवासी इम्तियाज अहमद पुत्र मुश्ताक अहमद की बाइक (यूपी26क्यू-4642), अल्पला कंपनी गेट से कल्याणपुर निवासी हरप्रीत सिंह पुत्र अवतार सिंह की बाइक (यूपी26एच-5728) व सुरिन ऑटो कंपनी गेट से गोठा गांव निवासी राम मिलन की बाइक (यूके06एएच-5040) चोरी करना कबूला। बताया कि इसके अलावा पांच अन्य बाइकें भी चोरी की हैं।
जिनकी शिनाख्त की जा रही है। इसके साथ ही एक बाइक के पुर्जे भी मिले हैं। एक बाइक पीलीभीत थाने में सीज है। दोनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 379 व 411 के तहत जेल भेज दिया। टीम में सीओ हिमांशु शाह, कोतवाल संजय कुमार, एसएसआई मदन मोहन जोशी, सिडकुल चौकी इंचार्ज विनोद जोशी, रमेश चंद्र बेलवाल, कमल पाल, विनोद जोशी, नरेंद्र यादव, महेंद्र डंगवाल आदि थे।
-फोटो फाइल-03एसटीजी01पी
आठ हजार में मोडीफाई करता था बाइक
सितारगंज। बाइक चोर गिरोह में शामिल विक्रम विश्वास का साथी निताई मंडल बाइक मैकेनिक है। विक्रम बाइकें चुराने के बाद निताई के गोदाम में रखता था। चोरी की बाइकों के पुर्जे निकालकर निताई अन्य बाइकों के प्रयोग में लाता था। यहां तक कि किसी पुरानी बाइक को नया लुक देकर आठ हजार रुपये में मोडीफाई कर देता था।
आर्थिक तंगी से त्रस्त होकर की चोरी
सितारगंज। सिडकुल क्षेत्र में बाइक चोरी में शामिल विक्रम विश्वास सिडकुल की बालाजी एक्शन विल्डवेल कंपनी में श्रमिक था। नौकरी छोड़ने के बाद आर्थिक तंगी से त्रस्त होकर उसने बाइक चोरी की साजिश रची।