जिले के कई निजी स्कूल अब भी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की नई एडवाइजरी का पालन नहीं कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की जांच के मुताबिक जिले के 50 से अधिक स्कूल अब भी कमीशन ले रहे हैं। इसमें रुद्रपुर शहर के भी करीब 10 स्कूल भी शामिल हैं। शिक्षा विभाग की जांच टीम ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजने की तैयारी में है।
सीबीएसई ने निजी स्कूलों को सख्त हिदायत दी थी कि स्कूल कॉपी, किताबें, स्टेशनरी, यूनिफार्म, बैग आदि की बिक्री में शामिल न हों, लेकिन कमीशन के चक्कर में स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं। अभिभावकों के अनुसार जिले के तमाम स्कूलों में हर वर्ष फीस, स्कूल की मरम्मत आदि मदों में अभिभावकों से मोटी रकम वसूली जाती है, साथ ही जबरन निजी प्रकाशकों की किताबों को भी छात्र-छात्राओं के सिलेबस से जोड़ दिया जाता है। हर साल किताबों को भी बदल दिया जाता है।
इसमें कॉपी, किताबों, यूनिफार्म, स्कूल बैग तक का कमीशन लिया जा रहा है। इसी कारण डीएम ने हाल ही में जिले के सभी निजी स्कूल प्रबंधन की बैठक बुलाकर उन्हें सीबीएसई की नई गाइडलाइन का अनुपालन करने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्कूलों ने अपना रवैया नहीं बदला। इसके बाद डीएम ने शिक्षा विभाग को मामलों की जांच के निर्देश दिए थे।
इसी आधार पर शिक्षा विभाग स्कूलों के कमीशनखोरी के खेल की गोपनीय जांच कर रहा है। जिले के 50 से अधिक निजी स्कूल जांच के दायरे में हैं और इन स्कूलों पर आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग रिपोर्ट बना रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता रहा है लेकिन इस बार शिक्षा मंत्री के कड़क रुख के कारण कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।
रुद्रपुर समेत जिले के कई निजी स्कूलों में कॉपी, किताबों, यूनिफार्म की खरीदारी में कमीशनखोरी का खेल अभी भी चल रहा है, खटीमा में भी एक निजी स्कूल में जांच करने पर कई खामियां उजागर हुई हैं। शिक्षा विभाग की टीमें पूरे जिले में जांच कर रही हैं, जिन स्कूलों में खामियां पाई जा रही हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- पीएन सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधमसिंह नगर।