अगवा छात्रा की बरामदगी की मांग को लेकर परिजन दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर डटे रहे। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने पुलिस महकमे का पुतला भी फूंका। चेतावनी दी कि छात्रा की बरामदगी न हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। 10 दिसंबर को ट्रांजिट कैंप निवासी मोहन पांडे की पुत्री बाबी लापता हो गई थी।
इस मामले में पुलिस ने 16 दिसंबर को गुमशुदगी का मकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि तीन युवक उसे अगवा कर दिल्ली ले गए थे। जिस पर पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। बावजूद इसके बाबी बरामद नहीं हुई।
इससे भड़के परिजनों ने गुरुवार की सुबह से ट्रांजिट कैंप थाने में भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। इधर शुक्रवार को भी बाबी पिता मोहन पांडे, मां कमला देवी, बड़ी बहन रेखा और छोटा भाई राहुल भूख हड़ताल पर डटे रहे। इस दौरान मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार ठुकराल ने पहुंचकर परिजनाें को समर्थन दिया। बाद में मौके पर एकत्र लोगों ने पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका। उनका कहना था कि बाबी को लापता हुई डेढ़ माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन पुलिस उसे बरामद नहीं कर पा रही। उन्होंने शीघ्र ही बाबी की बरामदगी न होने पर उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी। इस अवसर पर मुकेश बशिष्ठ, राहुल तिवारी, अभिषेक तिवारी, रविंद्र शर्मा, अजीत तिवारी, पुनीत तिवारी, जितेंद्र मिश्रा, सत्यनारायण सहित तमाम लोग थे।