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फर्जी रायल्टी के पांच वाहन जब्त, दो गिरफ्तार

Wed, 23 May 2018 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो बाजपुर 
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बाजपुर कोतवाली में फर्जी रायल्टी के आरोपी और पुलिस टीम। - फोटो : amar ujala
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पुलिस ने सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र में एक स्टोन क्रशर पर फर्जी रायल्टी लेकर पहुंचे पांच वाहनों को जब्त कर दिया। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर एक लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। वहीं तीन वाहन स्वामी मौका पाकर फरार हो गए। 

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कोतवाली प्रभारी आयूष अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को छोई मार्ग स्थित कोसी मिनरल स्टोन क्रशर पर उपखनिज लेकर पांच ट्रैक्टर ट्रालियां पहुंची। इस दौरान स्टोन क्रशर मैनेजर गुरमुख सिंह को खनन की रायल्टी फर्जी होने का संदेह हुआ। उनकी सूचना पर सुल्तानपुर पट्टी पुलिस चौकी प्रभारी दिनेश फर्त्याल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच करने पर रॉयल्टी फर्जी पाई गई। 

इस पर पुलिस ने उपखनिज से भरी (यूके18/सीए/2328), (यूके18/सीए/8117), (यूके18/सीए/2472), (यूके18/सीए/3087) और (यूके18/सीए/3464) को पकड़ कर जब्त कर लक्की सागर उर्फ लखविंदर सिंह निवासी सुल्तानपुर पट्टी के मोहल्ला शिवनगर और अर्जुन सिंह निवासी जसपुर को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर लक्की के घर से लैपटाप, स्केनर, प्रिंटर और अन्य सामान बरामद किया। मैनेजर गुरमुख सिंह की तहरीर के आधार पर फर्जी रायल्टी के पांच आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस टीम फरार तीन आरोपियों को पकड़ने के लिए जुटी है। 
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दस दिन पहले ही शुरू किया फर्जी रॉयल्टी बनाने का काम
फर्जी रॉयल्टी के नाम पर हो रहा था अवैध खनन का कारोबार
सुनील दिवाकर  
बाजपुर। क्षेत्र में खनन की फर्जी रॉयल्टी बनाकर माफिया सरकार को भारी मात्रा में राजस्व का चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने कबूल किया कि दस दिन पहले ही फर्जी रॉयल्टी बनाने का काम शुरू किया था। 

सुल्तानपुर पट्टी क्षेत्र और राज्य सीमा से लगे यूपी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन का कारोबार होता है। माफिया फर्जी रॉयल्टी के नाम पर लाखों की कमाई कर रहे हैं, जिससे सरकार को भी चूना लग रहा है। इसमें पुलिस की भूमिका भी संदेह प्रतीत होती है। गिरोह सरगना लक्की सागर ने पुलिस के समक्ष कबूल किया कि दस दिन पहले ही फर्जी रॉयल्टी बनाने का काम शुरू किया था। उनके गिरोह में कुल पांच सदस्य शामिल हैं।

पांचों साथी अपने वाहनों से उपखनिज लेकर स्टोन क्रशरों पर लाते थे। बताते हैं कि लक्की सागर एक खनन पट्टे पर ऑपरेटर था। 26 जनवरी को पट्टे धारक ने उसे हटा दिया था। इसके कुछ दिनों के बाद लक्की ने अन्य लोगों संग मिलकर फर्जी रॉयल्टी बनाने की कार्य शुरू किया था। 

उपखनिज कुमाऊं निदेशक राजपाल लेघा ने बताया कि खनन विभाग की ओर से भी फर्जी रॉयल्टी के आरोपियों पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। शासन स्तर से आठ रुपये प्रति क्विंटल की रॉयल्टी की दर निर्धारित है।

कांस्टेबल के सहयोग हो रहा था अवैध खनन
एक ही रॉयल्टी से दो बार उपखनिज के ढुलान पर डंपर चालक पकड़ा
काशीपुर। एक ही रॉयल्टी पर कई बार उपखनिज ले जाने की सेटिंग कर रहे एक डंपर चालक को आईटीआई थाना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी ने इस मामले में आरोपी कांस्टेबिल के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसएसपी को संस्तुति भेजी है। 
आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप अधिकारी को सूचना मिल रही थी कि थाने में तैनात कुछ सिपाहियों की मिलीभगत से डंपर चालक एक ही रॉयल्टी पर दो से अधिक बार उपखनिज का ढुलान कर रहे हैं।

इस पर सोमवार रात आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप अधिकारी ने छापा मारा। इस दौरान एक कांस्टेबल के सहयोग से एक ही रॉयल्टी पर दूसरी बार उपखनिज का ढुलान किए जाने का मामला पकड़ में आया। पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है। आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि इस मामले में एक कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को संस्तुति भेजी गई है। 

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