जिला अस्पताल में खुलेगी पुलिस चौकी
एसएसपी ने सीओ सिटी को दी जिम्मेदारी, स्टाफ चिह्नित
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। जिला अस्पताल में बढ़ रहीं आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पुलिस चौकी स्थापित की जा रही है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने सीओ सिटी कुलदीप कुमार को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। चौकी में तैनाती के लिए स्टाफ भी चिह्नित कर लिया गया है। एसएसपी के मुताबिक सीएमओ से जगह आवंटित होने के बाद चौकी काम करना शुरू कर देगी।
एसएसपी ने बताया कि जिला अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मियों को दुष्कर्म पीड़िताओं के मेडिकल, उनके भर्ती रहने के दौरान सुरक्षा, डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट के मामलों में त्वरित कार्रवाई करनी है। बीते दिनों खून के काले कारोबारियों के तार भी जिला अस्पताल स्टाफ के साथ जुड़े मिले थे। फर्जी डोनर सहित मेडिकल ब्रोकर पर भी निगरानी रखनी होगी। पुलिस चौकी बनने से अस्पताल से बच्चा चोरी होने की घटनाओं पर भी अंकुश लग जाएगा। यहां दो शिफ्ट में स्टाफ की तैनाती रहेगी।
जिला अस्पताल में हुईं बच्चा चोरी की वारदातें
- 26 मई, 2017 को भमोरा के नेकपाल का नवजात बेटा चोरी हो गया। एक महिला नेकपाल की पत्नी को बेहोश करके बच्चा उठा ले गई थी। सीसीटीवी कैमरे में महिला जाते हुए नजर आई थी।
- 17 नवंबर, 2017 को शांति विहार के कुंवरपाल का चार माह का बेटा इलाज के दौरान चोरी हो गया था। बाद में बच्चा बरेली-रोजा पैसेंजर ट्रेन में लावारिस मिला था।
- 6 मार्च, 2012 में बिहारीपुर के कैलाश पांडे की नवजात बच्ची जिला अस्पताल से चोरी होने के एक साल बाद नवाबगंज के भरतल गंाव से बरामद हुई थी। एक नर्स ने बच्ची को सात हजार रुपये में बेचा था।
- 27 मार्च, 2012 को आंवला के हरपाल की दो नवजात बेटियां गायब हुईं थीं। वह जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचे थे। बेटियों के गायब होने के बाद हड़कंप मचा था।
- 21 मई, 2012 को सीबीगंज निवासी सुशील चौरसिया की गोद से उनका डेढ़ साल का बेटा छीन लिया गया था। वारदात के बाद जमकर हल्ला मचा था।
- 13 अप्रैल, 2013 को मोहनपुर ठिरिया निवासी मोहम्मद अली का बच्चा बदल गया था, लेकिन मामला खुलने के बाद बच्चों को सही जगह पहुंचाया गया।
जिला अस्पताल से जुड़ी कई गतिविधियों पर निगरानी तंत्र मजबूत करने के लिए वहां चौकी खोली जा रही है। चौकी में दो शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी