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दो एसडीएम सहित 12 के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल

Sat, 03 Feb 2018 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुद्रपुर।
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नेशनल हाईवे - फोटो : अमर उजाला
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 एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी ने जेल में बंद दो निलंबित एसडीएम सहित 12 आरोपियों के खिलाफ नैनीताल की विशेष भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने पर तीन माह पूर्व एसआईटी की ओर से आरोपियों को जेल भेजा गया था। एक एसडीएम और दो तहसील कर्मियों के खिलाफ भी अभियोजन की अनुमति लेने के लिए एसआईटी ने शासन को पत्र भेजा है। अनुमति मिलने पर इनकी भी गिरफ्तारी की जा सकती है। 

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काशीपुर, जसपुर और सितारगंज तहसील में भूमि अधिग्रहण घोटाले में लिप्त पाए जाने पर एसआईटी ने तीन माह पूर्व दो एसडीएम सहित 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उक्त सभी लोगों की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी को 90 दिनों के भीतर कोर्ट में इनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करना था। शुक्रवार दोपहर एसआईटी प्रभारी एसपी क्राइम कमलेश उपाध्याय और विवेचक एवं सीओ स्वतंत्र कुमार ने नैनीताल में भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए।

आरोप पत्र में काशीपुर, जसपुर और सितारंगज के साथ ही बाजपुर तहसील के बैक डेट में किए गए 143 के मामलों को शामिल किया गया है। बाजपुर तहसील के ही कुछ और मामलों की जांच अभी जारी है। पखवाड़े भर पूर्व गिरफ्तार किए गए एसडीएम अनिल शुक्ला, प्रभारी तहसीलदार मोहन सिंह और राजस्व अहलमद संतराम के खिलाफ भी अभियोजन आदेश लेने के लिए एसआईटी ने शासन को पत्र भेजा है। शासन से अनुमति मिलने के बाद एसआईटी जल्द ही इनके खिलाफ भी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करेगी।
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इनके खिलाफ चार्जशीट लगाई गई 
तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह, निलंबित एसडीएम भगत सिंह फोनिया, प्रभारी तहसीलदार मदन मोहन पलड़िया, तहसीलदार मोहनलाल, अनुसेवक रामसमुझ, संग्रह अमीन अनिल कुमार, पेशकार विकास कुमार, राजस्व अहलमद संजय कुमार चौहान, डाटा एंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, स्टांप वेंडर जीशान, काश्तकार ओमप्रकाश और चरण सिंह। 

एनएच भूमि मुआवजा घोटाले में दोषी पाए जाने पर 15 लोगों को एसआईटी ने अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसमें से तीन माह पूर्व जेल भेजे गए 12 लोगों के खिलाफ शुक्रवार को विवेचक की ओर से आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसमें दो एसडीएम सहित अन्य लोग हैं। गिरफ्तार किए गए एक एसडीएम और दो तहसील कर्मियों के खिलाफ भी अभियोजन अनुमति लेने की तैयारी की जा रही है।
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- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी ऊधमसिंह नगर। 

आरोप पत्र में दर्ज किए गए यह आरोप 
डीपी सिंह - बैक डेट में जमीनों की 143 कर काश्तकारों को करोड़ों का गलत मुआवजा निर्धारण किया।
भगत सिंह फोनिया - बैक डेट में भूमि की 143 कर काश्तकारों को लाभ पहुंचाया।
मदन मोहन पलड़िया - 143 के दस्तावेजों में गलत जांच रिपोर्ट लगाई।
रामसमुझ - तहसील के मिसलबंद रजिस्ट्रर में गलत एंट्री की।
अनिल कुमार - तहसील के दस्तावेजों में रजिस्ट्रार कानूनगो के फर्जी हस्ताक्षर किए।
विकास कुमार - बैक डेट में जमीनों की 143 करने की शुरुआत की, घर से 143 की पत्रावलियां और जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री मिली।
संजय कुमार - बैक डेट में तहसील के मिसलबंद रजिस्टर में 143 की एंट्री की।
अर्पण कुमार - किसानों की भूमि का बैक डेट में 143 कर बिचौलिये के रूप में करोड़ों का कमीशन लिया।
ओमप्रकाश - बैक डेट में अपनी जमीन का 143 कराकर आठ करोड़ का मुआवजा लेकर राजस्व नुकसान किया।
चरण सिंह - बैक डेट में भूमि का 143 कराकर 12 करोड़ मुआवजा लेकर राजस्व नुकसान किया।
भोलेलाल - बैक डेट में जमीन की 143 में गलत जांच रिपोर्ट लगाई थी। 
जीशान - बैक डेट में 143 कराकर किसानों से करोड़ों रुपयों का कमीशन लिया था।

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