पालिका के पूर्व सभासद के पिता पर जानलेवा हमला करने के अभियुक्त पिता-पुत्र को द्वितीय अपर जिला जज ने सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर अभियुक्तों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। सजा सुनाने के बाद अभियुक्तों को हल्द्वानी कारागार भेज दिया है।
20 सितंबर 2011 को सुबह करीब सात बजे शक्तिनगर कॉलोनी निवासी पालिका के पूर्व सभासद आशीष अरोरा उर्फ बॉबी के पिता राजकुमार उर्फ राजा मालगोदाम से बाइक से गंगेबाबा रोड स्थित अपने प्लॉट पर जा रहे थे। मुख्य बाजार में मनोहरी हलवाई की दुकान के सामने बाइक सवार दो लोगों ने राजकुमार को गोली मारी, जो छाती में बायीं तरफ कंधे के नीचे लगी। जोगेंद्र सिंह ने उन्हें राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया और राजकुमार की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रकाश सिटी निवासी किशनलाल उर्फ खैराती और उसके पुत्र मोहित अरोरा ने उन्हें गोली मार दी। घटनास्थल पर योगेश चतुर्वेदी भी थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्जकर पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया था। घटना के पीछे व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता बताई गई।
इस मामले की विवेचना तत्कालीन एसएसआई जगदीश देउपा ने की। आरोपियों के खिलाफ धारा 307 के तहत अभियोग पत्र दायर किया गया। इस वाद का सत्र परीक्षण द्वितीय एडीजे की अदालत में हुआ। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी राजकुमार, आशीष अरोरा, योगेश चतुर्वेदी, विवेचना अधिकारी जगदीश देउपा, डॉ. छवि बंसल, डॉ. केके राणा आदि को परीक्षित कराया गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमकुमार ने आरोपी किशनलाल उर्फ खैराती व उसके पुत्र मोहित को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को सात-सात वर्ष के कारावास व 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें एक-एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी।